कुवैत में 30,000 प्रवासियों पर लटकी तलवार, रेसिडेंसी नियम टूटने से लग रहा भारी जुर्माना

कुवैत में इन दिनों हजारों प्रवासियों की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। एक मामूली सी गलतफहमी के कारण करीब 30,000 प्रवासी कानून के दायरे में आ गए हैं और उन्हें भारी-भरकम जुर्माने का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि देश के सभी गवर्नरेट में ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह सारा विवाद रेसिडेंसी और विजिट वीजा की समय सीमा को लेकर फैले भ्रम की वजह से शुरू हुआ है। हाल ही में अधिकारियों ने वीजा को लेकर एक निर्देश जारी किया था, जिसे बहुत से लोगों ने गलत समझ लिया। लोगों को लगा कि उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त छूट मिल गई है, जबकि असलियत इससे बिल्कुल अलग थी।
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, ऑटोमैटिक एक्सटेंशन का लाभ केवल उन लोगों के लिए था जिनका वीजा या रेसिडेंसी 31 अगस्त से पहले समाप्त हो चुका था। लेकिन जिन लोगों की समय सीमा 1 सितंबर या उसके बाद खत्म हुई, वे इस दायरे में नहीं आते हैं। इस बात को न समझ पाने के कारण हजारों लोगों ने अपने कागजात समय पर अपडेट नहीं कराए।
रोजाना बढ़ रहा है जुर्माना
समय पर नए वर्क परमिट या अस्थायी रेसिडेंसी फाइल न करने की वजह से ये सभी लोग अब उल्लंघन की श्रेणी में आ गए हैं। नियम के अनुसार, ऐसे मामलों में रोजाना के हिसाब से जुर्माना लग रहा है, जो देखते ही देखते काफी बड़ा अमाउंट बन सकता है। कुछ मामलों में तो एक महीने के बाद यह जुर्माना और भी ज्यादा हो जाता है, जिससे प्रवासियों की चिंताएं और गहरी हो गई हैं.
प्रवासियों के लिए जरूरी सलाह
कुवैत के संबंधित विभागों ने सभी प्रभावित लोगों को चेतावनी दी है कि वे जल्द से जल्द अपनी स्थिति सुधार लें। अधिकारी लगातार यह अपील कर रहे हैं कि प्रवासी तुरंत अपने स्पॉन्सर या कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क करें ताकि समय रहते सही कदम उठाए जा सकें।
- अपना स्टेटस चेक करने के लिए आधिकारिक 'साहिल' ऐप या गृह मंत्रालय के पोर्टल का इस्तेमाल करें।
- अनुच्छेद 14 के तहत अस्थायी रेसिडेंसी के लिए आवेदन करें।
- पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर के जरिए नया वर्क परमिट फाइल करें।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर समय रहते कागजात सही नहीं कराए गए, तो न सिर्फ भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि भविष्य में कुवैत में प्रवेश करने पर भी रोक लग सकती है।