कुवैत: फर्वानिया में बड़ी छापेमारी, 15 मजदूर गिरफ्तार और डिपोर्टेशन की तैयारी

कुवैत के फर्वानिया गवर्नरेंट में नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय के सुरक्षा निदेशालय और 'नेगेटिव फेनोमेना कमेटी' ने एक संयुक्त अभियान चलाकर उन लोगों पर शिकंजा कसा है, जो रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से व्यापार चला रहे थे। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान 15 विदेशी मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने रेजिडेंसी नियमों (आर्टिकल 20) का उल्लंघन किया था।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई निजी घरों को व्यावसायिक केंद्रों में बदल दिया गया था। इस दौरान चार किराने की दुकानों (बकाला) और एक टेलरिंग शॉप को तुरंत बंद कर दिया गया क्योंकि वे बिना किसी कानूनी अनुमति के संचालित हो रहे थे। इसके अलावा, प्रशासन ने कई ऐसी जगहों की पहचान की है जिनका उपयोग अनधिकृत रूप से 'बैचलर हाउसिंग' (कुंवारे पुरुषों के आवास) के रूप में किया जा रहा था।
खराब सामान जब्त और बिजली कनेक्शन काटे गए
जांच के दौरान केवल अवैध व्यापार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी भी सामने आई। अधिकारियों ने भारी मात्रा में ऐसी जमी हुई मछली और मांस जब्त किया जो खाने लायक नहीं था और एक्सपायर हो चुका था। साथ ही, तंबाकू की बड़ी खेप भी बरामद हुई है। पब्लिक अथॉरिटी फॉर फूड एंड न्यूट्रिशन (PAFN) ने इन खराब खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया और संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
प्रशासन की यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। कुवैत नगर पालिका ने नियमों के उल्लंघन पर कई चेतावनी और जुर्माने जारी किए हैं। वहीं, बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन सभी अवैध ठिकानों की बिजली काट दी है, जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया था।
पकड़े गए सभी 15 मजदूरों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्हें देश से बाहर निकालने (डिपोर्टेशन) की औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि, मंत्रालय ने गिरफ्तार लोगों की राष्ट्रीयता या जुर्माने की सटीक राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि रिहायशी इलाकों में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।