Kuwait Field Hospital: गजा में फ्यूल खत्म होने से कुवैती अस्पताल बंद, मरीजों की भर्ती पर लगी रोक.

गाजा पट्टी में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं और हालात बेहद खराब हो गए हैं। गजा स्थित कुवैत स्पेशलाइज्ड फील्ड हॉस्पिटल ने ईंधन की भारी कमी के चलते अपने दरवाजे मरीजों के लिए बंद कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि रविवार, 20 सितंबर 2026 से मरीजों की नई भर्ती और अधिकांश मेडिकल सेवाओं को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। जनरेटर चलाने और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों को ऊर्जा देने के लिए जरूरी ईंधन का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिसके कारण यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है।
अस्पताल प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का बयान
अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की तरफ से एक औपचारिक सूचना मिली थी। इस सूचना में बताया गया कि फंडिंग की भारी कमी के कारण अब डीजल ईंधन की आपूर्ति आगे जारी नहीं रखी जा सकेगी। यह संकट केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि गाजा पट्टी के 20 से अधिक अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक मुनीर अल-बुरश और गजा में मेडिकल रिलीफ सोसाइटी के निदेशक मोहम्मद अबू अफश ने इस संकट की पुष्टि की है।
शनिवार, 19 सितंबर 2026 तक अस्पताल ने सर्जरी, डिलीवरी, ओपीडी क्लीनिक, रेडियोलॉजी, लैब टेस्टिंग, एंबुलेंस संचालन और दंत चिकित्सा, वैस्कुलर, डायबिटिक फुट तथा जटिल घाव के इलाज जैसी सभी विशेष सेवाओं को रोक दिया है। अब इस मेडिकल फैसिलिटी में केवल जनरल और प्रसूति विभागों से जुड़े आपातकालीन मामलों के मरीजों को ही देखा जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडराता बड़ा खतरा
पैलेस्टाइन रेड क्रीसेंट सोसाइटी के स्वास्थ्य कार्यक्रमों के निदेशक बशार मुराद ने चेतावनी दी कि स्थिति अब एक बड़ी स्वास्थ्य आपदा के मुहाने पर पहुंच गई है। वर्तमान में कम से कम 17 अस्पताल पूरी तरह से बंद होने के कगार पर खड़े हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ईंधन, दवाइयों, स्पेयर पार्ट्स और वाहनों के टायरों की लगातार कमी के कारण लगभग 70 प्रतिशत अस्पताल के बिजली जनरेटर पहले ही काम करना बंद कर चुके हैं।
इस गंभीर संकट से निपटने के लिए कुवैत स्पेशलाइज्ड फील्ड हॉस्पिटल ने विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी OCHA और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों से तुरंत दखل देने की अपील की है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं पहुंचाई गई, तो गाजा की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी और आम नागरिकों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा।