कुवैत के ट्रैफिक विभाग ने होम डिलीवरी करने वालों के खिलाफ चलाया बड़ा अभियान और कई मोटरसाइकिलें जब्त कीं
कुवैत ट्रैफिक विभाग ने होम डिलीवरी वर्कर्स के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है, जिसमें कई गाड़ियां जब्त की गई हैं और चालान काटे गए हैं।

कुवैत: जनरल ट्रैफिक डिपार्टमेंट (GDT) ने सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए होम डिलीवरी करने वाले वर्कर्स के खिलाफ एक सघन अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान काटे गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाली मोटरसाइकिलों और कारों को जब्त कर लिया गया है। कई उल्लंघनकर्ताओं को स्थानीय पुलिस स्टेशनों में हिरासत में भी लिया गया है।
यह अभियान आंतरिक मंत्रालय के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसका मकसद सड़क अनुशासन को बेहतर बनाना और खतरनाक ड्राइविंग को रोकना है। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी ट्रैफिक और ऑपरेशंस अफेयर्स सेक्टर के प्रमुख ब्रिगेडियर अहमद फहद अल-अज़मी कर रहे हैं। वहीं, GDT के महानिदेशक ब्रिगेडियर राशिद हमूद अल-हाजरी और ट्रैफिक रेगुलेशन अफेयर्स के सहायक महानिदेशक कर्नल अयूब गाजी फतालाह ने इसे निर्देशित किया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस सख्ती से पहले 4 अक्टूबर 2026 को डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चेतावनी दी गई थी। इसके बाद 18 अक्टूबर 2026 को दोबारा चेतावनी जारी की गई थी। विभाग ने पाया कि डिलीवरी वर्कर्स गलत तरीके से ओवरटेक कर रहे थे, ट्रैफिक के बीच से तेजी से निकल रहे थे और सड़क के दाईं ओर चलने के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि कई डिलीवरी कर्मी फुटपाथ पर गाड़ी चला रहे थे। इसके अलावा डिलीवरी बॉक्स पर जरूरी लाइट न होना और रिफ्लेक्टिव वेस्ट (चमकदार जैकेट) न पहनना जैसे गंभीर उल्लंघन भी पाए गए। तय नियमों के मुताबिक, उल्लंघन करने वाली मोटरसाइकिलों और वाहनों को कम से कम 60 दिनों के लिए जब्त किया जाएगा।
यह अभियान प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ के निर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने 1 सितंबर 2026 से प्रभावी मंत्रिस्तरीय निर्णय संख्या 109/2026 लागू किया है, जिसके तहत इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी प्लेटफॉर्म के कमीशन और डिलीवरी शुल्क की सीमा तय की गई है।
ट्रैफिक अवेयरनेस विभाग के निदेशक कर्नल फहद अल-एस्सा ने कहा कि यह डिलीवरी कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्मचारियों की निगरानी करें और उन्हें राष्ट्रीय ट्रैफिक कानूनों के प्रति शिक्षित करें। आंतरिक मंत्रालय ने संकेत दिया है कि जिन कंपनियों के ड्राइवर बार-बार नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।