Kuwait New Law: कुवैत में चैरिटी और डोनेशन पर सख्त कानून लागू, बिना लाइसेंस चंदा लेने पर 10 साल की जेल.

कुवैत सरकार ने देश में चैरिटी और मानवीय कार्यों को लेकर एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। 12 सितंबर 2026 से देश में चैरिटी से जुड़ा एक नया व्यापक कानून आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति के किसी भी तरह का चंदा या डोनेशन इकट्ठा नहीं कर पाएगी। सरकार का यह कदम चैरिटी के काम में पारदर्शिता लाने और नियमों को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
नया कानून और चंदा इकट्ठा करने के कड़े नियम
यह नया डिक्री-लॉ कुल 96 आर्टिकल और सात चैप्टर में बंटा हुआ है जो पूरी तरह से तय करता है कि फंड कैसे लिया जाएगा, उसे कहां रखा जाएगा और कैसे बांटा जाएगा। नए नियमों के मुताबिक अब कैश में किसी भी तरह का डोनेशन लेना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। सभी प्रकार का पैसा सीधे बैंक खातों में ही जमा किया जाएगा जिनकी देखरेख सीधे सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत द्वारा की जाएगी। अगर कोई संगठन फंड इकट्ठा करने के लिए कोई कैंपेन चलाना चाहता है तो उसे इसके लिए 30 दिन की अप्रूवल प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि, अगर मामला किसी आपातकालीन राहत कार्य का है तो उसके लिए अनुमति मात्र तीन दिन के भीतर ही लेनी होगी।
नियमों के अनुसार सभी संगठनों को अपने डोनर्स और कैंपेन का पूरा रिकॉर्ड अगले 10 साल तक संभाल कर रखना होगा। कैंपेन खत्म होने के ठीक 15 दिन के भीतर सभी वित्तीय रिपोर्टों को एक मान्यता प्राप्त ऑडिटर से वेरिफाई करवाकर नए बने National Center for Charitable and Humanitarian Work के पास जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
मंत्रालय की चेतावनी और कड़े दंड के प्रावधान
सामाजिक मामलों, परिवार और बाल मामलों की मंत्री Dr. Amthal Al-Huwailah ने बताया कि इस तरह का रेगुलेटरी ढांचा चैरिटी के काम की पवित्रता को बचाने और यह सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है कि सही मदद सही जरूरतमंद तक पहुंचे। नियमों का पालन न करने पर सरकार ने बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया है। कानून के मुताबिक दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा 1,000 से 10,000 दीनार तक का भारी जुर्माना या फिर जितने पैसे का हेरफेर हुआ है, उसकी दोगुनी राशि जुर्माने के तौर पर वसूली जा सकती है। यही नहीं, जो संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करते पकड़े जाएंगे, उन्हें पूरी तरह से बंद यानी भंग भी किया जा सकता है।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के उपाय और स्कूलों में पूरी तरह पाबंदी
इस नए कानून में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए भी कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। सभी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत कुवैती फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट को देनी होगी। इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि स्कूलों के अंदर किसी भी तरह का पैसा, गिफ्ट या डोनेशन लेने पर पूरी तरह से रोक है। इसमें छात्र, माता-पिता, शिक्षक या स्कूल प्रशासन कोई भी शामिल नहीं हो सकता। जब तक नेशनल सेंटर फॉर चैरिटी एंड ह्यूमैनिटेरियन वर्क का बोर्ड पूरी तरह से नहीं बन जाता, तब तक लाइसेंस देने और निगरानी करने का सारा काम मिनिस्ट्री ऑफ सोशल अफेयर्स द्वारा ही संभाला जाएगा।