Kuwait में भारतीय प्रवासी की संदिग्ध मौत, पब्लिक प्रॉसीक्यूशंस ने दिए CID जांच के आदेश.

कुवैत के Hawally इलाके में एक आवासीय इमारत से नीचे गिरने के कारण एक भारतीय प्रवासी पुरुष की मौत हो गई। यह दुखद घटना 27 August 2026 को सामने आई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। कुवैत की पब्लिक प्रॉसीक्यूशंस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट यानी CID को औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह गिरना महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई आपराधिक मामला छिपा हुआ है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए ऐसी घटनाएं हमेशा से चिंता का विषय रही हैं, और वहां काम करने वाले आम भारतीयों के बीच सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।
घटना की शुरुआती जानकारी और पुलिस की कार्रवाई
इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब इसकी सूचना सबसे पहले कुवैत मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर के ऑपरेशंस रूम को दी गई। सूचना मिलते ही सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पाया कि वह व्यक्ति जमीन पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। इमारत के एक सुरक्षा गार्ड ने अधिकारियों को बताया कि मृतक व्यक्ति उसी इमारत में एक शेयरिंग अपार्टमेंट में रहता था। गार्ड ने पूछताछ में बताया कि उसने बाहर से एक तेज आवाज सुनी थी और जब उसने बाहर आकर देखा तो उसे पीड़ित का शव जमीन पर मिला। अधिकारी अब इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि घटना के समय उस अपार्टमेंट में कोई और व्यक्ति मौजूद था या नहीं। फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक आरोप तय नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रही है। इसके साथ ही इमारत के आने-जाने के रास्तों, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट की भी गहनता से समीक्षा की जा रही है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।
भारतीय दूतावास की सहायता और संपर्क विवरण
मृतक व्यक्ति की पहचान, उसकी उम्र, पेशे और भारत में उसके गृह राज्य से जुड़ी कोई भी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे कठिन समय में कुवैत स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Kuwait) प्रवासियों के परिवारों को हरसंभव कांसुलर सहायता प्रदान करता है। दूतावास की तरफ से मृत शरीर के पंजीकरण और उसके पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजने यानी रिपट्रिएशन की प्रक्रिया में पूरी मदद दी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें मूल पासपोर्ट, पासपोर्ट की एक कॉपी, अंग्रेजी अनुवाद के साथ अटेस्टेड डेथ सर्टिफिकेट और पुलिस रिपोर्ट शामिल हैं। जिन मामलों में स्पॉन्सर यानी नियोक्ता आने-जाने का खर्च उठाने में असमर्थ होता है या पीड़ित परिवार के पास पैसे नहीं होते हैं, वहां भारतीय दूतावास अपने डेथ रजिस्ट्रेशन काउंटर के जरिए सहायता उपलब्ध कराता है। पीड़ित परिवार के लोग किसी भी मदद के लिए व्हाट्सएप नंबर +965 65505246 पर संपर्क कर सकते हैं, या फिर ईमेल आईडी [email protected] पर मेल भेज सकते हैं। इसके अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए जनरल इमरजेंसी नंबर +965 22562151 पर भी बात की जा सकती है। भारतीय दूतावास उन परिवारों को कानूनी और लेबर-क्लेम से जुड़ी सहायता भी देता है जिनके बकाये वेतन या अन्य सर्विस ड्यूज अटके हुए होते हैं।