कुवैत में प्रवासी कर्मचारियों को समय पर वेतन देने का सख्त आदेश, 8 हजार कंपनियों की फाइलें बंद
कुवैत के गृह मंत्री ने निजी नियोक्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी विदेशी कर्मचारियों को बिना भेदभाव के समय पर वेतन दिया जाए।

कुवैत: कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को कड़ा निर्देश जारी किया है। उन्होंने मांग की है कि सभी कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के उनका वेतन समय पर दिया जाए।
गृह मंत्री ने नागरिकों और प्रवासी कर्मचारियों के बीच व्यवहार में अंतर को खत्म करने पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी की राष्ट्रीयता चाहे जो भी हो, उसे उचित मुआवजा मिलना चाहिए। शेख फहद अल-यूसुफ ने कहा कि आपके लिए काम करने वाला हर इंसान, चाहे वह किसी भी देश का हो, निष्पक्ष व्यवहार का हकदार है।
यह कदम गृह मंत्रालय और जनशक्ति सार्वजनिक प्राधिकरण (PAM) द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई के बाद उठाया गया है। अधिकारियों ने वेतन भुगतान नियमों का उल्लंघन करने वाली 8,000 से अधिक कंपनियों की फाइलों को निलंबित कर दिया है।
इस नीतिगत हस्तक्षेप का उद्देश्य श्रम बाजार की उन समस्याओं को दूर करना है, जिनकी वजह से बड़ी संख्या में विदेशी कर्मचारी वित्तीय तंगी झेल रहे हैं। इसमें भारतीय प्रवासियों की एक बड़ी आबादी भी शामिल है, जो बढ़ती महंगाई के बीच मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
कुवैत सरकार इस कदम के जरिए वेतन संरक्षण प्रणाली को मजबूत करना चाहती है और देश की छवि को नुकसान से बचाना चाहती है। नियमों का पालन न करने वाली फर्मों को अब गंभीर कानूनी कार्रवाई और व्यापार निलंबन का सामना करना पड़ेगा। गृह मंत्रालय निष्पक्ष भुगतान मानकों को सुनिश्चित करने के लिए श्रम प्रथाओं की निगरानी जारी रखे हुए है।