Kuwait News: कुवैत का बड़ा ऐलान, नागरिकता खोने वालों को मिलेगा 10 साल का बिना फीस वाला वीज़ा.

कुवैत सरकार ने देश में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। कुवैत के पहले उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahad Yousef Al-Sabah ने एक नए नियम को मंजूरी दी है, जिसे आधिकारिक गजट Kuwait Al-Youm में प्रकाशित किया गया है। इस नए आदेश के तहत देश में Ministerial Decision No. 1410 of 2026 लागू कर दिया गया है। इस फैसले के बाद उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी कुवैत की नागरिकता किसी वजह से छीन ली गई थी और उन्होंने बाद में किसी दूसरे देश की नागरिकता ले ली थी। ऐसे लोगों के लिए सरकार ने एक नया Article 7 bis स्टेटस बनाया है जिसके तहत वे अब बिना किसी सालाना फीस के कुवैत में रह सकेंगे।
किसे मिलेगा इस नई योजना का फायदा
इस नई नीति का फायदा मुख्य रूप से उन लोगों को मिलेगा जिनकी नागरिकता एमिरी डिक्री नंबर 15 of 1959 के अनुच्छेद 13 के खंड 4 के तहत वापस ली गई थी। यह खंड आमतौर पर उन मामलों पर लागू होता था जिन्हें देश के सर्वोच्च हितों या बाहरी सुरक्षा के खिलाफ माना गया था। हालांकि, शर्त यह है कि उन लोगों ने अब किसी दूसरे देश की नागरिकता कानूनी रूप से अपना ली है और अपनी स्थिति को पूरी तरह नियमित कर लिया है। इतना ही नहीं, जिन परिवारों की नागरिकता एक ही आदेश के तहत वापस ली गई थी, उनके आश्रित यानी परिवार के लोग भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे। जनरल डिपार्टमेंट ऑफ़ रेजिडेंसी अफेयर्स के डायरेक्टर जनरल को इसके आवेदन और काम से जुड़े नियमों को तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फीस और अन्य खर्चों की पूरी जानकारी
मुख्य आवेदक को रेजिडेंसी के लिए कोई भी सालाना फीस नहीं चुकानी होगी, लेकिन उनके साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों के लिए कुछ शुल्क तय किए गए हैं। रेजिडेंसी होल्डर के पति या पत्नी, बच्चों और माता-पिता को स्पॉसर करने के लिए प्रति व्यक्ति KD 10 सालाना फीस देनी होगी। वहीं, अगर परिवार के अन्य रिश्तेदार साथ रहते हैं तो उनके लिए प्रति व्यक्ति KD 300 सालाना शुल्क तय किया गया है। इन परिवारों के यहां काम करने वाले घरेलू कामगारों यानी हाउसवाइफ या डोमेस्टिक स्टाफ पर वही नियम और फीस लागू होगी जो कुवैत के आम नागरिकों के परिवारों पर लागू होती है। इसके अलावा, मुख्य रेजिडेंसी धारक को देश से बाहर छह महीने से ज्यादा समय तक रहने के नियम से छूट दी गई है, लेकिन घरेलू स्टाफ के लिए चार महीने की सीमा तय की गई है जब तक कि वे पहले से अनुमति न ले लें।
भारतीय प्रवासियों और स्थानीय परिवारों पर असर
कुवैत के इस कदम से दक्षिण एशियाई प्रवासी कर्मचारियों और मिश्रित राष्ट्रीयता वाले परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है, खासकर जो लोग Salmiya और Hawally जैसे इलाकों में रहते हैं। सरकार ने साफ किया है कि इस नीति का मकसद किसी को दोबारा नागरिकता देना नहीं है और न ही इससे देश में चल रहा नेशनलिटी रिव्यू कैंपेन रुकेगा। इसका मुख्य उद्देश्य केवल यह है कि जो लोग प्रभावित हुए हैं वे कुवैत में रहकर अपनी नौकरी, घर और परिवार को संभाल सकें और स्थिरता के साथ जी सकें। अधिकारियों ने सभी प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे प्रशासनिक अपडेट और आवेदन के तरीकों के लिए सरकारी Sahel app और आधिकारिक गजट पर नजर बनाए रखें ताकि उनके मौजूदा कागजात वैध बने रहें।