कुवैत के जिलेब अल-शुयुख में 263 खतरनाक इमारतों को ढहाने का आदेश

Samiksha Soni4 October 20262 min read0 viewsKuwait
कुवैत के जिलेब अल-शुयुख में 263 खतरनाक इमारतों को ढहाने का आदेश

कुवैत में सुरक्षा और संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। नगरपालिका ने जिलेब अल-शुयुख (Jleeb Al-Shuyoukh) इलाके में स्थित 263 जर्जर और असुरक्षित इमारतों को खाली कराकर गिराने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह निर्देश वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि ये इमारतें कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थीं।

खतरनाक इमारतों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

यह पूरा मामला तब सामने आया जब लोक निर्माण मंत्रालय के तहत आने वाले सरकारी केंद्र (Government Center for Testing, Quality Control and Research) ने इन इमारतों की संरचनात्मक जांच की। इस रिपोर्ट में साफ हुआ कि जिलेब अल-शुयुख क्षेत्र की कुल 263 संपत्तियां ऐसी हैं, जो जनजीवन और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। मंत्रालय ने कुल 286 संपत्तियों का निरीक्षण किया था, जिनमें से 263 को गिराने के लिए पूरी तरह से अयोग्य पाया गया। इसके अलावा, सूची में कुछ खाली प्लॉट, नए निर्माण और निर्माणाधीन इमारतें भी शामिल थीं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

मकान मालिकों और किरायेदारों के लिए सख्त निर्देश

प्रशासन ने इस संबंध में एक कड़ा रुख अपनाते हुए मालिकों को दो सप्ताह का समय दिया है। आदेश के मुताबिक:

  • सभी संपत्ति मालिकों को 18 अक्टूबर की तय समय सीमा के भीतर अपनी इमारतों को खुद खाली कर गिराना होगा।
  • यदि मालिक समय पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो नगरपालिका खुद इन इमारतों को गिराएगी और इसका सारा खर्च मालिकों से ही वसूला जाएगा।
  • यह आधिकारिक आदेश सरकारी गजट 'कुवैत टुडे' में प्रकाशित किया जा चुका है, जिसे ही सभी मालिकों के लिए अंतिम कानूनी नोटिस माना जाएगा। इसके लिए किसी अलग से व्यक्तिगत पत्र का इंतजार नहीं किया जाएगा।

किरायेदारों के लिए सलाह

इस क्षेत्र में रहने वाले किराएदारों से अपील की गई है कि वे तुरंत अपने मकान मालिक या केयरटेकर से संपर्क करके यह पुष्टि कर लें कि उनका भवन इस सूची में शामिल है या नहीं। चूंकि समय सीमा बहुत कम है, इसलिए प्रभावित इमारतों में रहने वाले लोगों को समय रहते अपने रहने की दूसरी व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment