कुवैत नगर पालिका ने जलीब अल-शुयौख इलाके में 263 असुरक्षित इमारतों को गिराने का काम शुरू किया
कुवैत नगर पालिका ने जलीब अल-शुयौख में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली 263 असुरक्षित इमारतों को गिराने का अभियान शुरू किया है।

कुवैत: नगर पालिका ने जलीब अल-शुयौख इलाके में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाली इमारतों को गिराने का अभियान आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। इस मुहिम के पहले चरण में उन 263 ढांचों को तोड़ा जा रहा है जिन्हें तकनीकी रूप से असुरक्षित माना गया है। यह कार्रवाई 26 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है।
इन इमारतों को गिराने के आदेश 4 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक गजट 'कुवैत टुडे' (कुवैत अल यौम) में प्रकाशित किए गए थे। इसके बाद मकान मालिकों को अपनी इमारतों को खुद खाली करने और उन्हें गिराने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया था।
यह कदम नगर पालिका के महानिदेशक के फैसले के बाद उठाया गया है। सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय के सरकारी परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और अनुसंधान केंद्र की तकनीकी रिपोर्टों में इन इमारतों को खतरनाक बताया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक इन इमारतों के गिरने का बड़ा खतरा था, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को जोखिम हो सकता था।
इस अभियान को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। अगले तीन हफ्तों में अंतिम प्रक्रियात्मक मंजूरी मिलने के बाद 494 और इमारतों को गिराए जाने की योजना है। तीसरे चरण की तैयारी फिलहाल चल रही है, जो सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय से मिलने वाली अगली तकनीकी रिपोर्टों पर निर्भर करेगा।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, अगर मालिक खुद इमारतों को नहीं गिराते हैं, तो नगर पालिका उन्हें गिराएगी और इसका पूरा खर्च मालिकों से ही वसूला जाएगा। मलबे को हटाने और विध्वंस की लागत की गणना इमारत के कुल क्षेत्रफल, मंजिलों की संख्या, परिवहन और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के आधार पर की जाएगी।
नगर पालिका ने यह साफ किया है कि किसी भी इमारत को गिराने से पहले इस बात की पूरी तरह पुष्टि की जाएगी कि वह पूरी तरह खाली है।