जलीब अल-शुयौख इलाके के पुनर्विकास और अवैध निर्माण गिराने के लिए प्रधानमंत्री ने की बड़ी बैठक
प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला ने जलीब अल-शुयौख के पुनर्विकास और अवैध निर्माणों को गिराने की रणनीति पर बैठक की।

कुवैत: प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को बयान पैलेस में एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जलीब अल-शुयौख जिले के पुनर्विकास और पुनर्गठन के लिए एक व्यापक योजना तैयार करना था। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी जमीन का सही इस्तेमाल हो और शहरी नवीकरण के प्रयास कुवैत की राष्ट्रीय रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप हों।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए। इनमें नगर मामलों और आवास मामलों के राज्य मंत्री अब्दुलअतिफ अल-मशारी, सार्वजनिक निर्माण मंत्री डॉ. नूरा अल-मशान, न्याय मंत्री नासिर अल-सुमैत और बिजली, जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. सुबैह अल-मुखैजीम मौजूद थे। साथ ही आर्थिक मामलों और निवेश राज्य मंत्री अब्दुलअजीज अल-मर्ज़ूक, वित्त मंत्री डॉ. याकूब अल-रिफाई, प्रधानमंत्री के दीवान के कार्यवाहक प्रमुख शेख खालिद अल-खालिद अल-सबाह, कुवैत नगर पालिका की महानिदेशक इंजीनियर मानल अल-अस्फूर और फतवा एवं विधान विभाग के अध्यक्ष काउंसलर सलाह अल-माजेद ने भी हिस्सा लिया।
दूसरी तरफ, कुवैत नगर पालिका ने अवैध और जर्जर संपत्तियों को गिराने के लिए कई चरणों में एक अभियान शुरू कर दिया है। पहले चरण के तहत उन 263 संपत्तियों को गिराया जा रहा है, जिन्हें सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय की रिपोर्ट में ढहने के जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया था। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में जारी दो हफ्ते के नोटिस की अवधि खत्म होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है, क्योंकि मालिक आधिकारिक गजट में छपे आदेशों का पालन करने में विफल रहे।
अभियान के दूसरे चरण में 494 और संपत्तियों को निशाना बनाया जाएगा, जिसका काम कुवैत नगर पालिका के महानिदेशक की औपचारिक मंजूरी के बाद तीन हफ्तों के भीतर शुरू होगा। तीसरे चरण की योजना अभी तैयार की जा रही है और इसके लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय की तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार है।
नगर पालिका के नियमों के मुताबिक, निर्माण गिराने और मलबे की सफाई का पूरा खर्च संबंधित संपत्ति मालिकों को ही उठाना होगा। इस खर्च का आकलन इमारत के आकार, साइट तक पहुंच और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों जैसे तकनीकी मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।