Kuwait: कुवैत में बच्चों से जुड़े अपराधों में आई 48 प्रतिशत की भारी गिरावट, सरकार ने लागू किए कड़े नियम.

Aanya5 September 20263 min read36 viewsKuwait
Kuwait: कुवैत में बच्चों से जुड़े अपराधों में आई 48 प्रतिशत की भारी गिरावट, सरकार ने लागू किए कड़े नियम.

कुवैत से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है जहां देश में किशोर अपराधों यानी बच्चों और युवाओं से जुड़े मामलों में सीधे 48 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कुवैत के न्याय मंत्री Counselor Nasser Al-Sumait ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को यह आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि साल 2026 के पहले छह महीनों में यह सुधार देखने को मिला है। इस सकारात्मक बदलाव के बाद देश के आम नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि समाज में सुरक्षा का दायरा लगातार मजबूत होता जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 की पहली छमाही में कुल 1,523 किशोर अपराध के मामले दर्ज किए गए थे जो घटकर साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में केवल 795 ही रह गए। यह लगातार दूसरा साल है जब इस तरह के मामलों में गिरावट रिकॉर्ड की गई है। अगर इसकी तुलना साल 2024 के पहले छह महीनों से की जाए जब कुल 1,665 मामले सामने आए थे, तो इस बार कुल 52 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी देखने को मिली है। सरकार की तरफ से उठाए गए कड़े कदमों की वजह से आज कुवैत की सड़कों और रिहायशी इलाकों में स्थिति काफी सुधर चुकी है जिससे परिवारों को एक सुरक्षित माहौल मिल रहा है।

सख्त कानूनों और नए नियमों का असर

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न्याय मंत्री ने इस बड़ी सफलता के पीछे सरकार द्वारा उठाए गए कड़े विधाई सुधारों को मुख्य वजह बताया है। सरकार ने देश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। इनमें गंभीर यातायात उल्लंघनों के लिए सख्त सजा का नया ट्रैफिक कानून शामिल है, जिससे वाहन चलाने वाले युवाओं में डर पैदा हुआ है। इसके अलावा हत्या और आकस्मिक चोट के मामलों में सजा को काफी बढ़ा दिया गया है। ड्रग्स और नशीले पदार्थों के खिलाफ भी नए कानूनों को मंजूरी दी गई है जिससे अवैध कारोबारियों पर लगाम कसने में मदद मिली है।

प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी वैध कारण के धारदार हथियार या चाकू रखने को पूरी तरह से अपराध घोषित कर दिया है। यदि कोई व्यक्ति डराने-धमकाने या मारपीट करने के लिए ऐसे हथियारों का इस्तेमाल करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बहुत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। इन तमाम नियमों के कड़ाई से पालन होने की वजह से अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और अपराध की घटनाओं में भारी कमी दर्ज की गई है।

यातायात और मारपीट के मामलों में आई भारी कमी

आंकड़ों पर गौर करें तो मंत्री ने बताया कि सबसे बड़ा सुधार ट्रैफिक मामलों में देखने को मिला है। साल 2025 के पहले छह महीनों में ट्रैफिक से जुड़े 1,048 मामले दर्ज किए गए थे जो साल 2026 की समान अवधि में 63 प्रतिशत घटकर मात्र 383 रह गए। इसके अलावा आपसी मारपीट के मामलों में भी 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है जो एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल कानून बनाने से काम नहीं चलता, बल्कि सामाजिक और निवारक कारक भी इसमें उतने ही जरूरी रहे हैं। उन्होंने अपराध रोकने में आंतरिक मंत्रालय, देखभाल और पुनर्वास देने वाले सामाजिक मामलों के मंत्रालय, और बच्चों को हिंसा व दुर्व्यवहार से बचाने वाले स्वास्थ्य मंत्रालय के मिले-जुले प्रयासों की सराहना की। इसके अलावा परिवार मामलों के सर्वोच्च परिषद के योगदान को भी सराहा गया। मंत्री ने यह भी दोहराया कि युवाओं के अधिकारों की रक्षा करना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और आने वाले समय में बच्चों की सुरक्षा के लिए कई और नए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

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