Kuwait में कुवैतीकरण तेज, को-ऑपरेटिव सेक्टर में नागरिकों के लिए 90 सुपरवाइज़र पदों का हुआ ऐलान.

कुवैत सरकार ने अपने देश के नागरिकों को नौकरी देने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है और इसी कड़ी में एक बड़ा कदम उठाया गया है। Ministry of Social Affairs ने देश की को-ऑपरेटिव सोसाइटियों में कुवैतीकरण नीति के तहत 90 सुपरवाइज़र पदों पर स्थानीय नागरिकों को रखने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत कुल 200 कुवैती उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है जो आने वाले दिनों में इन खाली पदों को भरेंगे। सरकार के इस कदम से देश के स्थानीय लोगों को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिल रहे हैं और प्रशासन इस नीति को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को नौकरियां मिल सकें।
कैंडिडेट्स के लिए इंटरव्यू की तारीख और समय
चुने गए सभी उम्मीदवारों के लिए पर्सनल इंटरव्यू की तारीख 23 सितंबर और 24 सितंबर तय की गई है। यह इंटरव्यू मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी के मीटिंग रूम में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। इन पदों में मुख्य रूप से 30 फाइनेंशियल कंट्रोलर और 60 प्रशासनिक कंट्रोलर यानी एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोलर के पद शामिल हैं। फाइनेंशियल कंट्रोलर के लिए कुल 55 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है जबकि एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोलर के पदों के लिए 145 उम्मीदवारों को चुना गया है। इन सभी उम्मीदवारों को लिखित और इलेक्ट्रॉनिक असेसमेंट परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है।
पारदर्शिता के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग और ईमेल नोटिफिकेशन
पूरा चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो इसके लिए मंत्रालय ने खास इंतजाम किए हैं। मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि सभी इंटरव्यू की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे। इंटरव्यू पूरा होने के बाद फाइनल रिजल्ट मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनलों पर जारी किए जाएंगे। जिन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है उन्हें उनकी ईमेल आईडी पर इंटरव्यू के समय और तारीख की पूरी जानकारी भेज दी जाएगी ताकि किसी को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रवासी कामगारों के लिए क्या है स्थिति
कोऑपरेटिव सेक्टर में इस बदलाव के बाद बहुत से विदेशी कामगारों के मन में अपनी नौकरी को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि प्राइवेट सेक्टर से सभी विदेशी कामगारों को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा या सभी वर्क परमिट रद्द कर दिए जाएंगे। यह योजना सिर्फ चुनिंदा सुपरवाइज़र और एडमिनिस्ट्रेटिव पदों के लिए है। कुवैत में भारतीय नागरिक सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय हैं और साल 2026 की पहली छमाही तक इनकी संख्या लगभग 887,000 थी जो कुल विदेशी कामगारों का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। हालांकि मंत्रालय ने इन 90 पदों पर किसी खास देश के नागरिकों को लेकर कोई अलग से आंकड़ा जारी नहीं किया है इसलिए यह अभी साफ नहीं है कि इससे किस देश के कितने लोग प्रभावित होंगे।
प्रवासी कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह
जो विदेशी कर्मचारी अभी कोऑपरेटिव सेक्टर में काम कर रहे हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने नियोक्ता या Public Authority for Manpower के साथ मिलकर अपने ऑफिशियल जॉब टाइटल और वर्क परमिट की स्थिति की जांच जरूर कर लें। सोशल मीडिया पर चल रही बिना पक्की खबरों पर भरोसा करने से बचना चाहिए और अपने एंप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट, सैलरी के कागजात और सेवा समाप्त होने पर मिलने वाले फायदों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए। नियमों का पालन करना और अपनी रेजिडेंसी व वर्क परमिट को सही रखना हर प्रवासी के लिए बहुत जरूरी है ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।