Kuwait Leadership Condolences: नेपाल के उत्तरी इलाकों में भयानक बाढ़ पर कुवैत के शीर्ष नेताओं ने जताया दुख, दी श्रद्धांजलि।

नेपाल के उत्तरी पहाड़ी इलाकों में आई भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई है, जिससे पूरे इलाके में मानवता का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस आपदा के बीच कुवैत के शीर्ष नेतृत्व ने नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल को औपचारिक रूप से अपना शोक संदेश भेजा है। कुवैत के अमीर Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al-Sabah, क्राउन प्रिंस Sheikh Sabah Khaled Al-Hamad Al-Sabah और प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Abdullah Al-Ahmad Al-Sabah ने 30 अगस्त 2026 को इस दुखद घड़ी में नेपाल के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। कुवैती नेताओं ने अपने आधिकारिक संदेश में पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट की, घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की और लापता लोगों के सुरक्षित लौटने की उम्मीद जताई है। इस संकट की घड़ी में कुवैत सरकार पूरी तरह से नेपाल के साथ खड़ी नजर आ रही है।
चीन-नेपाल सीमा पर तबाही और मौतों का आंकड़ा
चीन और नेपाल की सीमा से लगे पहाड़ी इलाकों में 26 अगस्त 2026 को अचानक से खतरनाक फ्लैश फ्लड्स यानी अचानक आई बाढ़ और भारी भूस्खलन का सिलसिला शुरू हुआ था। राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन डेटा के अनुसार, 30 अगस्त तक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 तक पहुंच चुकी है, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, व्यापक रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि तिब्बत क्षेत्र में हुई कैजुअल्टी को अगर इसमें शामिल कर लिया जाए, तो मरने वालों का कुल आंकड़ा 784 हो जाता है और प्रभावित क्षेत्रों में 3,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report on Nepal Flash Floods पर जा सकते हैं।
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान और राहत कार्य
इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के स्थानीय बुनियादी ढांचे को बुरी तरह तबाह कर दिया है, जिसमें बिजली की सप्लाई, कम्यूनिकेशन नेटवर्क और पक्की सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं। राहत और बचाव कार्य अब अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसके तहत प्रशासन लगातार जुटा हुआ है। हालांकि, खतरे को भांपते हुए अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। इसके अलावा, बचाए गए या मिले हुए शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि परिवारों को उनके अपनों की सही जानकारी मिल सके। इस आपदा से जुड़ी आधिकारिक और सरकारी अपडेट्स के लिए आप Kuwait Government Official News Portal पर विजिट कर सकते हैं।
बच्चों और महिलाओं पर सबसे बड़ा असर
इस भयानक आपदा की चपेट में आने वाले सबसे संवेदनशील लोगों में छोटे बच्चे और महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें तुरंत मदद की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यानी UNICEF ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कम से कम 17,000 बच्चों को तुरंत मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है, और अब तक 14 बच्चों की मौत की पुष्टि भी हो चुकी है। इसके अलावा, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रोस सोसाइटीज के मुताबिक इस आपदा से लगभग 93,000 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। साथ ही, रसुवा और नुवाकोट जिलों में लगभग 157,050 महिलाओं और बच्चियों पर इस आपदा का गहरा असर पड़ा है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां दिन-रात जुटी हुई हैं ताकि इन सभी तक जरूरी मदद और राहत पहुंचाई जा सके।