कुवैत में बिना डिग्री वाले 60 साल से ज्यादा उम्र के प्रवासियों का वर्क परमिट अब सिर्फ एक साल के लिए होगा रिन्यू

कुवैत: कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) ने 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उन प्रवासी कर्मचारियों के लिए वर्क परमिट रिन्यूअल के नियमों में बदलाव किया है जिनके पास यूनिवर्सिटी की डिग्री नहीं है। अब ऐसे कर्मचारियों का वर्क परमिट केवल एक साल की अवधि के लिए ही रिन्यू किया जा रहा है।
अल-कबास अखबार और अलआन की 13 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर के लेबर ऑफिसों में इन निर्देशों को लागू किया जा रहा है। प्रभावित कर्मचारियों को आधिकारिक तौर पर बताया जा रहा है कि उन्हें अपनी रेजिडेंसी स्थिति को अंतिम रूप देना होगा और इस अवधि के खत्म होने तक देश छोड़ने की तैयारी करनी होगी।
सरकार ने यह कदम जनसंख्या संरचना को नियंत्रित करने और अनियमित श्रम की समस्या को हल करने के लिए उठाया है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में प्रशासनिक और सुपरवाइजरी पदों पर स्थानीय लोगों को बढ़ावा देना भी इस पहल का हिस्सा है।
लेबर मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, कुवैत में लगभग 83,562 निवासी ऐसे हैं जो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं और उनके पास यूनिवर्सिटी डिग्री नहीं है। इनमें 15,847 निरक्षर हैं, करीब 24,000 पढ़ना-लिखना जानते हैं, 10,000 के पास प्राइमरी सर्टिफिकेट, 16,000 के पास इंटरमीडिएट और 16,000 के पास सेकेंडरी सर्टिफिकेट है।
इस फैसले का बड़ा असर भारत, पाकिस्तान और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के प्रवासी समुदायों पर पड़ेगा। इससे उनकी नौकरी, परिवार की रेजिडेंसी और वित्तीय योजना को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
इससे पहले दिसंबर 2024 में एक पुरानी नीति रद्द की गई थी, जिसके तहत ऐसे वर्क परमिट रिन्यूअल के लिए बीमा सहित 900 कुवैती दीनार तक की अतिरिक्त फीस ली जाती थी। अब सरकार का ध्यान एक साल की छूट अवधि के बाद इस वर्ग के रोजगार को पूरी तरह समाप्त करने पर है।
अधिकारियों ने प्रभावित कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अपने नियोक्ताओं और पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर से अपनी स्थिति की जांच करें। उन्हें बचे हुए एक साल के समय का उपयोग अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करने और देश छोड़ने की योजना बनाने के लिए करने को कहा गया है।