Kuwait Loan Rules: कुवैत ने प्रवासियों के लोन नियमों में किया बड़ा बदलाव, इन लोगों को मिलेगा फायदा.

कुवैत में नौकरी करने वाले expatriates के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। वहाँ के बैंकों ने पर्सनल और हाउसिंग लोन देने के नियमों में कड़ाई करना शुरू कर दिया है। Kuwaitisation policy के तहत अब बैंक लोन देते समय प्रवासियों की नौकरी की सुरक्षा और कंपनी की वित्तीय स्थिति की पूरी जांच कर रहे हैं। इस नए बदलाव से भारत, पाकिस्तान, फिलीपींस और मिस्र जैसे देशों से आए उन आम कामगारों पर ज्यादा असर पड़ रहा है, जो वहां रहकर अपने परिवार का खर्च चलाते हैं।
किसे मिल रहा है लोन और कौन है मुश्किल में
टाइम्स कुवैत और गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकों ने पेशवरों की एक अनौपचारिक 'ग्रे लिस्ट' तैयार की है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में सरप्लस कैटेगरी के शिक्षकों, कोऑपरेटिव सोसाइटी और पब्लिक-बेनिफिट संगठनों में काम करने वाले कर्मचारियों को लोन मिलने में मुश्किल आ रही है। शिक्षा मंत्रालय ने लगभग 7,019 प्रवासी शिक्षकों के अनुबंध समाप्त करने का संकेत दिया है, जिससे इन पेशवरों पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, नए कामगारों और कम शैक्षणिक योग्यता वाले लोगों की भी कड़ी जांच हो रही है। दूसरी ओर, डॉक्टर, इंजीनियर, स्वास्थ्यकर्मी, तकनीशियन और AI या टेक्नोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञों को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें आसानी से लोन मिल रहा है।
लोन की सीमा और सैलरी के नए नियम
बैंकों ने लोन के लिए न्यूनतम वेतन की सीमा KD 400 से KD 600 के बीच तय कर दी है। हालांकि उपभोक्ता और आवास वित्त को मिलाकर अधिकतम KD 95,000 तक का लोन मिल सकता है, लेकिन मासिक किस्त (EMI) वेतन के 40 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती है। इसे आसान भाषा में समझें तो KD 95,000 का लोन चुकाने के लिए मासिक आय लगभग KD 2,750 होनी चाहिए, जिससे KD 1,100 की किस्त भरी जा सके। इसी तरह KD 25,000 के लोन के लिए लगभग KD 1,225 की सैलरी जरूरी है ताकि KD 490 की किस्त चुकाई जा सके।
कम्पनियों से लिया जा रहा है लिखित अंडरटेकिंग
बैंक अब नियोक्ताओं से लिखित में अंडरटेकिंग ले रहे हैं कि यदि कोई कर्मचारी लोन पूरा चुकाए बिना देश छोड़कर जाता है, तो उसका अंत-of-सेवा (EOS) लाभ सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। हालांकि, जिन कर्मचारियों को 10 साल से अधिक का समय हो गया है और जो Boursa Kuwait में लिस्टेड कंपनियों में काम कर रहे हैं, उन्हें कम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बड़े हाई-नेट-वर्थ 'प्लैटिनम' श्रेणी के प्रवासियों को पहले की तरह ही रियायती दरों और उच्च सीमाओं का लाभ मिल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में नौकरी की सुरक्षा ही लोन मिलने का सबसे बड़ा आधार बन गई है।