Kuwait New Rule: कुवैत में कड़ा नियम लागू, फीस न मिलने पर स्कूल नहीं रोक पाएंगे बच्चों की पढ़ाई।

कुवैत में रहने वाले प्रवासी परिवारों और आम नागरिकों के लिए शिक्षा से जुड़ी एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। Kuwait Ministry of Education (MoE) ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ एक बहुत ही सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें साफ कहा गया है कि कोई भी स्कूल फीस बकाया होने पर बच्चों को पढ़ाई से वंचित नहीं कर सकता है। शिक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी छात्र को परीक्षा देने से रोका नहीं जाएगा और न ही उनकी फीस के पैसे बाकी होने पर उनके परीक्षा परिणाम या रिपोर्ट कार्ड रोके जाएंगे। यह नया आदेश 20 सितंबर 2026 को मंत्रालय द्वारा फिर से दोहराया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिवारों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव के दौरान बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखना है।
प्राइवेट स्कूलों की फीस में बदलाव और नियम
नए नियमों के तहत, कुवैत में योग्य अरबी और पाकिस्तानी प्राइवेट स्कूलों को एक बार फीस बढ़ाने की अनुमति दी गई है। जो संस्थान 250 से 450 Kuwaiti Dinars (KD) तक फीस लेते हैं, वे अपनी फीस में 15% तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं। वहीं जो स्कूल 451 KD या उससे ज्यादा फीस वसूलते हैं, उन्हें 10% तक की बढ़ोतरी की अनुमति दी गई है। इसी तरह का एक नियम भारतीय पाठ्यक्रम वाले स्कूलों के लिए भी Ministerial Resolution No. 375 of 2025 के तहत पहले ही बनाया जा चुका है। मंत्रालय का यह साफ कहना है कि स्कूल फीस बढ़ने के साथ-साथ अच्छी शिक्षा और सुविधाएं भी बच्चों को दें। इसके अलावा, स्कूलों को अपनी फीस की पूरी जानकारी अपनी वेबसाइट पर या स्कूल के नोटिस बोर्ड पर साफ-साफ दिखानी होगी ताकि General Administration of Private Education इसकी जांच कर सके।
फीस भरने का नया शेड्यूल और ट्रांसफर नियम
शिक्षा मंत्रालय ने फीस जमा करने के लिए एक तय नियम बनाया है जिसके तहत फीस को तीन बराबर किस्तों में देना होगा। पहली किस्त रजिस्ट्रेशन फीस के साथ छात्र के स्कूल आने के पहले हफ्ते में ही जमा करनी होगी। इसके बाद दूसरी किस्त दूसरे एकेडमिक पीरियड के पहले हफ्ते में और पाकिस्तानी स्कूलों के लिए तीसरी किस्त तीसरे एकेडमिक पीरियड के हफ्ते में देनी होगी। स्कूलों को यह अधिकार बिल्कुल नहीं है कि वे इस तय पेमेंट स्ट्रक्चर में अपनी मर्जी से कोई बदलाव करें। इसके अलावा छात्र के स्कूल बदलने यानी ट्रांसफर को लेकर भी नियम साफ कर दिए गए हैं। यदि कोई छात्र स्कूल छोड़ता है और पहले हफ्ते की मियाद चल रही है, तो पुराना स्कूल कुल फीस का 50% ले सकता है। अगर दूसरी किस्त की तारीख आ चुकी है, तो पूरी फीस देनी होगी। नया स्कूल छात्र से उस समय की फीस नहीं मांग सकता जो उसने पुराने स्कूल में बिताई है, हालांकि पढ़ाई में फेल होकर निकलने वाले छात्रों के मामले में कुछ अलग नियम हो सकते हैं।
सरकारी सर्टिफिकेट और क्लियरेंस सर्टिफिकेट का नियम
भले ही मंत्रालय ने बच्चों की पढ़ाई बीच में रोकने पर पूरी पाबंदी लगा दी हो, लेकिन शिक्षा मंत्री Jalal Al-Tabtabaei द्वारा 9 सितंबर 2026 को जारी किए गए एक अलग आदेश में यह साफ किया गया है कि बच्चों को आधिकारिक एकेडमिक सर्टिफिकेट या ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्कूल से फाइनेंशियल क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा। इसका मतलब यह है कि स्कूल भले ही पढ़ाई न रोकें, लेकिन बच्चों के जरूरी कागजात और फॉर्मल डॉक्युमेंट्स तभी मिलेंगे जब उनकी पुरानी बकाया राशि पूरी तरह से जमा कर दी जाएगी। कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी परिवारों के लिए यह जानना जरूरी है कि वे अपने बच्चों की शिक्षा सुचारू रूप से जारी रख सकें और साथ ही स्कूल के वित्तीय नियमों का भी पालन करें।