कुवैत में मोबाइल आईडी के जरिए ठगी का शिकार हुए लेबनानी प्रवासी, बैंक खाते से सारी जमा पूंजी साफ

Samiksha Soni16 October 20262 min read0 viewsKuwait
कुवैत में मोबाइल आईडी के जरिए ठगी का शिकार हुए लेबनानी प्रवासी, बैंक खाते से सारी जमा पूंजी साफ

कुवैत: यहां रहने वाले एक लेबनानी प्रवासी को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया है। मोबाइल आईडी ऑथेंटिकेशन के जरिए किए गए इस फ्रॉड में पीड़ित के बैंक खाते की पूरी रकम निकाल ली गई।

यह घटना पिछले मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे की है। पीड़ित के पास एक अनजान व्यक्ति का फोन आया, जिसे प्रवासी के पेशे और उसके माता-पिता के विजिट वीजा की कोशिशों के बारे में पूरी जानकारी थी।

कॉल करने वाले ने झूठ बोला कि बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट पुराने होने की वजह से वीजा आवेदन खारिज हो गया है। उसने कहा कि फिंगरप्रिंट अपडेट करने का समय तय करने के लिए 'कुवैत मोबाइल आइडेंटिटी' (हविइती) ऐप के जरिए एक ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट भेजी जाएगी।

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सरकारी प्रक्रिया समझकर पीड़ित ने ऐप पर आई रिक्वेस्ट को मंजूरी दे दी। इसके तुरंत बाद उसे बैंक से 25 कुवैती दीनार की निकासी के मैसेज मिले और फिर उसके खाते का एक्सेस चला गया। जब पीड़ित ने दोबारा अकाउंट एक्सेस किया, तो बैलेंस में सिर्फ 900 फिल्स बचे थे।

पीड़ित ने बताया कि उसने कोई ओटीपी, बैंकिंग डिटेल या वेरिफिकेशन कोड साझा नहीं किया था। बैंक से संपर्क करने पर उसे पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। ठगों के पास पीड़ित की निजी जानकारी होना डेटा लीक या सोशल इंजीनियरिंग की ओर इशारा करता है।

कुवैत के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन, साइबर क्राइम विभाग और गल्फ बैंक जैसे संस्थानों ने ऐसी अनचाही रिक्वेस्ट को मंजूरी न देने की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी मंजूरी देने से ठगों को अवैध लेनदेन करने का अधिकार मिल जाता है।

प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और आधिकारिक लगने वाले कॉल की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत बैंक और कानून प्रवर्तन अधिकारियों को देने को कहा गया है।

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