कुवैत: रिहायशी इलाकों में बैचलर्स के रहने पर सख्ती, 4 संपत्तियों की बिजली काटी

कुवैत में रिहायशी इलाकों के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। नगर पालिका की कैपिटल गवर्नरेट निरीक्षण टीम ने दोहा और अल-सुलैबिखत इलाकों में छापेमारी कर ऐसी चार निजी संपत्तियों की बिजली काट दी है, जहां नियमों के खिलाफ कुंवारे पुरुष (बचलर) रह रहे थे। यह कार्रवाई उन मकान मालिकों के खिलाफ की गई है जिन्होंने पहले दी गई चेतावनियों के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया था।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कैपिटल गवर्नरेट निरीक्षण टीम के प्रमुख गनीम अल-शम्मारी ने किया। इंजीनियरिंग ऑडिट और फॉलो-अप विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान केवल बिजली ही नहीं काटी गई, बल्कि अधिकारियों ने दो चालान काटे और नौ अन्य लोगों को चेतावनी जारी की। इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए आंतरिक मंत्रालय ने सुरक्षा मुहैया कराई, जबकि बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली कनेक्शन काटने का काम पूरा किया।
नियमों की अनदेखी पर भारी जुर्माना
यह कार्रवाई अगस्त 2026 में इंजीनियर निज़ार अल-अवद की अध्यक्षता वाली एक समिति द्वारा शुरू किए गए व्यापक अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य डिक्री-कानून संख्या 125/1992 को सख्ती से लागू करना है, जो विशिष्ट पारिवारिक रिहायशी क्षेत्रों में बैचलर्स को घर किराए पर देने से रोकता है।
कानून के मुताबिक, इस उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना तय किया गया है। पहली बार गलती करने पर 500 दीनार का जुर्माना लगाया जाता है, और यदि एक साल के भीतर दोबारा यही गलती दोहराई जाती है, तो यह राशि बढ़कर 1,000 दीनार तक हो सकती है। इसके अलावा, अदालत के पास किरायेदारों को घर से बेदखल करने का भी अधिकार है।