कुवैत ने लागू किया नया मध्यस्थता कानून, निवेश माहौल को मिलेगी मजबूती

कुवैत: कुवैत ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को डिक्री-कानून नंबर 120 जारी करके देश का नया राष्ट्रीय मध्यस्थता ढांचा लागू कर दिया है। इस कानून को कैबिनेट ने 16 सितंबर 2026 को मंजूरी दी थी।
नया कानून 108 अनुच्छेदों और 15 अध्यायों में बंटा है। यह मौजूदा न्यायिक मध्यस्थता कानून (कानून नंबर 11/1995) की जगह लेगा और नागरिक एवं वाणिज्यिक प्रक्रिया कानून (डिक्री-कानून नंबर 38/1980) का मध्यस्थता से जुड़ा अध्याय निरस्त करेगा।
न्याय मंत्री नासिर यूसुफ अल-सुमैत ने कहा कि यह कानून विधायी क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। उनके मुताबिक इसका मकसद बिखरे कानूनी प्रावधानों और लंबी विवाद-निपटान प्रक्रिया से पैदा हुई दिक्कतों को दूर करके स्पष्टता और एकरूपता लाना है।
सरकार के अनुसार यह सुधार यूएनसीआईटीआरएएल मॉडल कानून सहित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इससे कुवैत को एक प्रमुख वित्तीय और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कानून में मध्यस्थता के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है और तटस्थता, पारदर्शिता व गोपनीयता को अनिवार्य किया गया है। इसमें डिजिटल सुनवाई और दस्तावेजों के आदान-प्रदान सहित इलेक्ट्रॉनिक कार्यवाही की साफ अनुमति दी गई है।
सरकारी धन की सुरक्षा के लिए राज्य की संस्थाओं से जुड़े अनुबंधों पर अलग प्रावधान किए गए हैं। इससे सरकार से जुड़े विवाद मध्यस्थता के दायरे में रहेंगे, और साथ ही जरूरी वित्तीय सुरक्षा भी बनी रहेगी।
कानून एडहॉक मध्यस्थता और संस्थागत मध्यस्थता में फर्क करता है। संस्थागत मध्यस्थता को न्याय मंत्रालय के भीतर एक विशेष विभाग के लाइसेंस और निगरानी में रखा गया है।
मध्यस्थों की दीवानी देनदारी को धोखाधड़ी या घोर लापरवाही के मामलों तक सीमित किया गया है। बताया गया है कि यह प्रावधान भी वैश्विक चलन के अनुरूप है।
कानून का दायरा कुवैत में स्थित मध्यस्थता के लिए क्षेत्रीय आधार पर तय होता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों में यह पक्षकारों की सहमति पर लागू होगा, बशर्ते वे देश के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय समझौतों और अनिवार्य कानूनी सिद्धांतों का पालन करें।