Kuwait NRI Tax Relief: कुवैत के एनआरआई को इनकम टैक्स मामले में बड़ी राहत, जानिए पूरा मामला.

अहमदाबाद की इनकम टैक्स अपीलेटे ट्रिब्यूनल यानी ITAT ने कुवैत में काम करने वाले एक भारतीय प्रवासी यानी एनआरआई को टैक्स के मामले में आंशिक राहत दी है। यह पूरा मामला 3.63 करोड़ रुपये की अज्ञात आय और स्पेसिफाइड फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन यानी SFT रिपोर्टिंग से जुड़ा हुआ है, जो असेस्मेंट ईयर 2019-20 का है। टैक्स अधिकारियों ने पर्याप्त कागजात न मिलने पर इस रकम को बिना हिसाब की कमाई मान लिया था, लेकिन अब इस पर कोर्ट और ट्रिब्यूनल का नया फैसला सामने आया है।
अहमदाबाद ITAT का बड़ा फैसला और राहत
अदालत ने 24 अप्रैल 2026 को अपने आदेश में 5.52 लाख रुपये के टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने माना कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर इस छोटी रकम को बिना हिसाब का पैसा नहीं ठहराया जा सकता है। गल्फ देशों में रहने वाले हमारे भारतीय कामगारों और प्रवासियों के लिए ऐसे मामलों में सही समय पर सही कागजात पेश करना बेहद जरूरी होता है, ताकि इनकम टैक्स विभाग की तरफ से किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
HDFC बैंक के पैसों पर नए सिरे से होगी जांच
ट्रिब्यूनल ने राहत देने के साथ-साथ एक बड़े बैंक ट्रांजैक्शन पर दोबारा जांच करने का आदेश भी दिया है। यह मामला HDFC Bank में आए 2,49,75,347 रुपये के एक बड़े लेन-देन से जुड़ा है। टैक्स देने वाले व्यक्ति ने दलील दी थी कि यह सारा पैसा कुवैत में कमाई गई उनकी विदेशी सैलरी और पुरानी बचत का है, जिसे उन्होंने भारत के ICICI Bank और HDFC बैंक के एनआरई या एनआरओ खातों में भेजा था।
ICICI बैंक की तरफ से दिए गए पैसे के सबूतों और फिक्सड डिपॉजिट के कागजात को ट्रिब्यूनल ने सही मान लिया है, जिसमें आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पॉलिसी की रकम भी शामिल है। हालांकि, HDFC बैंक के रिकॉर्ड को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। इसके लिए टैक्स अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस 2.49 करोड़ रुपये के एक-एक लेन-देन की गहराई से जांच करें।
प्रवासी भारतीयों के लिए जरूरी सलाह
ट्रिब्यूनल ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर जांच में यह बात साबित हो जाती है कि यह पैसा विदेश में कमाई गई मेहनत की कमाई का हिस्सा है, तो इसे केवल इसलिए अवैध या अज्ञात नहीं माना जाएगा क्योंकि इसे भारत के बैंक खाते में जमा किया गया था। जो लोग कुवैत, सऊदी अरब, दुबई या अन्य खाड़ी देशों में नौकरी करते हैं, उनके लिए यह घटना एक बड़ा सबक है। गल्फ में रहने वाले प्रवासियों को हमेशा अपनी सैलरी स्लिप, विदेशी बैंक के स्टेटमेंट, पैसे भेजने के SWIFT रिकॉर्ड और साल-दर-साल का पूरा हिसाब संभाल कर रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को सही जानकारी दी जा सके।