Kuwait और Pakistan ने किया नए डिफेंस समझौते का ऐलान, 2026 प्रोटोकॉल पर हुए साइन

कुवैत और पाकिस्तान ने मिलकर एक नए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसे Protocol Agreement-2026 नाम दिया गया है। यह समझौता गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को इस्लामाबाद में आधिकारिक तौर पर साइन किया गया। इस नए समझौते के जरिए दोनों देशों के बीच पुराने डिफेंस समझौते को और आगे बढ़ाया गया है जो साल 2023 में हुआ था और जिसे कुवैत द्वारा इसी साल 26 जुलाई 2026 को मंजूरी दी गई थी। इस कदम से दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी इसका असर दिखेगा।
सैन्य सहयोग और ट्रेनिंग पर जोर
नए प्रोटोकॉल के नियमों के अनुसार पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं कुवैत की सेना को कई जरूरी क्षेत्रों में मदद देंगी। इनमें मुख्य रूप से मिलिट्री ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण यानी कैपेसिटी बिल्डिंग, बॉर्डर मैनेजमेंट और आपसी सहमति वाले अन्य रक्षा क्षेत्र शामिल हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल को बेहतर करना है ताकि सैन्य विशेषज्ञता का आदान-प्रदान आसानी से हो सके। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाओं की युद्ध के लिए तैयारी और आपसी एकीकरण को मजबूत करना भी इस डील का एक बड़ा हिस्सा है जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
कुवैती प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान यात्रा
इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कुवैत का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा था। इस डेलीगेशन का नेतृत्व कुवैत के रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Salem Al-Sabah ने किया और उनके साथ कुवैत के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल Khalid Al-Shriaan भी मौजूद थे। कुवैती रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Muhammad Asif के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इसके अलावा उन्होंने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर यानी GHQ का दौरा किया और वहां पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल Asim Munir से मुलाकात की। इन मुलाकातों के दौरान कुवैती पक्ष ने पाकिस्तानी सेना की पेशेवर क्षमता और काम करने के तरीके की जमकर तारीफ की।
रणनीतिक रिश्ते और आपसी भरोसा
पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इस नए समझौते को लेकर बयान जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार यह नया समझौता दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे, आपसी सम्मान और साझा रणनीतिक हितों को सामने लाता है जो लंबे समय से चले आ रहे हैं। दोनों देशों ने अपने रक्षा रिश्ते को और अधिक मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह नया घटनाक्रम हाल के दिनों में हुए क्षेत्रीय सुरक्षा बदलावों के बाद सामने आया है जिसमें कुवैत द्वारा 2023 के समझौते का अनुमोदन और पाकिस्तान का सऊदी अरब तथा तुर्की के साथ मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट में शामिल होना भी शामिल है।