Kuwait और Pakistan के बीच हुआ बड़ा रक्षा समझौता, सैन्य सहयोग मजबूत करने के लिए तय हुआ नया रोडमैप

Praggya Singh sabal20 September 20262 min read0 viewsKuwait
Kuwait और Pakistan के बीच हुआ बड़ा रक्षा समझौता, सैन्य सहयोग मजबूत करने के लिए तय हुआ नया रोडमैप

कुवैत और पाकिस्तान ने आपसी रक्षा संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक बड़े समझौते पर मुहर लगाई है। दोनों देशों ने मिलकर Protocol Agreement-2026 को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इस नए फ्रेमवर्क पर 27 अगस्त 2026 को इस्लामाबाद और रावलपिंडी में हस्ताक्षर किए गए थे। यह नया प्रोटोकॉल साल 2023 के पुराने रक्षा सहयोग समझौते का विस्तार करता है और दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के लिए एक ठोस रास्ता तैयार करता है। यह समझौता पूरे 5 साल तक लागू रहेगा और इसमें ऑटोमैटिक रिन्यूअल का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

किन बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता

इस महत्वपूर्ण समझौते को औपचारिक रूप देने का काम पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Muhammad Asif और कुवैत के रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Saleem Al-Sabah ने किया। कुवैत के रक्षा मंत्री अपने साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल लेकर आए थे, जिसमें कुवैत सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल Khalid Darj Saad Al-Shriaan और पाकिस्तान में कुवैत के राजदूत Nassar Abdulrahman Al-Mutairi भी शामिल थे। इस आधिकारिक यात्रा के दौरान कुवैत के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir से भी मुलाकात की और आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की।

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समझौते के तहत किन क्षेत्रों में होगा सहयोग

यह नया प्रोटोकॉल सैन्य गतिविधियों के कई क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। इसमें मुख्य रूप से खुफिया जानकारी साझा करना, सैन्य प्रशिक्षण और शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, रक्षा तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रणालियां शामिल हैं। इसके अलावा, दोनों देश आपसी विशेषज्ञता, रिसर्च और विमानन व एयरस्पेस संपत्तियों के संभावित इस्तेमाल का आदान-प्रदान भी करेंगे। पाकिस्तान इस समझौते के तहत कुवैत के जवानों को ट्रेनिंग देने, उनकी क्षमता बढ़ाने और बॉर्डर मैनेजमेंट में मदद करेगा। इस दौरान रक्षा विनिर्माण यानी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी सहयोग को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी भरोसे को बढ़ावा

पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे, आपसी सम्मान और साझा रणनीतिक हितों को सामने लाता है। वहीं कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा में योगदान देने वाला एक अहम मील का पत्थर बताया है। इस समझौते के नियमों के तहत सैन्य अभ्यासों और आधिकारिक दौरों की निगरानी के लिए एक संयुक्त सैन्य समिति बनाई जाएगी। साथ ही गोपनीय जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी विवाद को केवल कूटनीतिक चैनलों के जरिए सुलझाने की बात कही गई है। खास बात यह है कि इस समझौते में किसी भी तरह का सामूहिक रक्षा खंड यानी कलेक्टिव-डिफेंस क्लॉज शामिल नहीं किया गया है।

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