कुवैत: अब नियोक्ता नहीं काट सकेंगे मनमर्जी से वेतन, लोन कटौती पर 10 फीसदी की सीमा तय
कुवैत के PAM ने वेतन से लोन कटौती और अन्य नियमों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब नियोक्ता वेतन का केवल 10% ही लोन के लिए काट सकेंगे।

कुवैत: पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) ने कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी कर्मचारी ने अपने नियोक्ता (Employer) से लोन या कर्ज लिया है, तो उसकी वसूली के लिए वेतन से 10 प्रतिशत से ज्यादा की कटौती नहीं की जा सकती।
यह कदम "अधिकारों की स्पष्टता... रोजगार संबंधों की स्थिरता" नामक एक जागरूकता अभियान के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के श्रम कानून का सख्ती से पालन कराना और श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित करना है।
श्रम कानून की धारा 59/A के तहत यह भी साफ किया गया है कि नियोक्ता कर्मचारियों को दिए गए लोन या कर्ज पर किसी भी तरह का ब्याज नहीं वसूल सकते। इसके अलावा, सभी तरह के कर्ज चुकाने के लिए वेतन से कुल कटौती की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत तय की गई है। हालांकि, धारा 59/B के मुताबिक गुजारा भत्ता (Alimony) के भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी।
PAM ने श्रम कानून की धारा 28 का हवाला देते हुए बताया कि रोजगार अनुबंध में तय की गई सैलरी पूरी अवधि के दौरान स्थिर रहनी चाहिए। कर्मचारी की लिखित सहमति के बिना वेतन में किसी भी तरह की कमी नहीं की जा सकती है।
नियोक्ताओं के लिए यह अनिवार्य है कि वे वेतन से की गई किसी भी कटौती के लिए आधिकारिक दस्तावेज पेश करें। अथॉरिटी अब 'वेज पेमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम' के जरिए भुगतान की नियमितता पर नजर रख रही है ताकि किसी भी गड़बड़ी को पकड़ा जा सके।
इन नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है और उनकी आधिकारिक फाइल को निलंबित भी किया जा सकता है।