कुवैत में समय पर वेतन नहीं देने वाली कंपनियों पर गिरेगी गाज और सरकारी टेंडर से हो सकते हैं बाहर

कुवैत के जनशक्ति प्राधिकरण ने वेतन में देरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ अभियान शुरू किया है, जिससे उनके सरकारी टेंडर रद्द हो सकते हैं।

Nura Basta23 October 20262 min read0 viewsKuwait
कुवैत में समय पर वेतन नहीं देने वाली कंपनियों पर गिरेगी गाज और सरकारी टेंडर से हो सकते हैं बाहर

कुवैत: कुवैत के जनशक्ति प्राधिकरण (PAM) ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां वेतन भुगतान के नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें सरकारी टेंडरों और अनुबंधों से बाहर कर दिया जाएगा।

इस अभियान का नेतृत्व प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ कर रहे हैं। उनका लक्ष्य वेतन हस्तांतरण के मामले में उल्लंघन की दर को शून्य तक लाना है। इस प्रक्रिया को पुख्ता करने के लिए PAM ने कुवैत सेंट्रल बैंक के वेतन संरक्षण प्रणाली (WPS) के साथ इलेक्ट्रॉनिक लिंक स्थापित किया है, जिससे अब रीयल टाइम में निगरानी की जा सकेगी।

नए नियमों के मुताबिक, निजी कंपनियों को अपने पंजीकृत कार्यबल के कम से कम 90 प्रतिशत कर्मचारियों का मासिक वेतन ट्रांसफर करना होगा। साथ ही, पिछले महीने के सभी कर्मचारियों का भुगतान सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

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नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर सख्त पाबंदियां लगाई जाएंगी। इसमें नए वर्क परमिट जारी करने पर रोक, सरकारी अनुबंधों के पंजीकरण से इनकार और आधिकारिक प्रमाणपत्र या वाहन पंजीकरण जारी करने पर प्रतिबंध शामिल है। इसके अलावा, जिस कंपनी की फाइल निलंबित होगी, वहां काम करने वाले कुवैती नागरिकों के लिए रोजगार सहायता भुगतान भी रोक दिया जाएगा।

अधिकारी फिलहाल करीब 10,000 ऐसी कंपनियों की जांच कर रहे हैं जिनमें पांच या उससे अधिक कर्मचारी हैं और जिन पर वेतन उल्लंघन के आरोप हैं। कुछ मामलों में वेतन भुगतान में 18 महीने तक की देरी पाई गई है। इन कंपनियों की फाइलें सितंबर से निलंबित हैं।

PAM की महानिदेशक इंजीनियर रबाब अल-ओसैमी ने बताया कि एजेंसी सेंट्रल बैंक के साथ तालमेल बिठाकर कमियों की पहचान कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों की फाइलें पूरी तरह बंद की जा सकती हैं।

नियमों के अनुसार, वेतन हर महीने की 20 तारीख तक दिया जाना चाहिए, जिसकी अधिकतम छूट अगले महीने की सात तारीख तक है। यह कार्रवाई 2010 के कुवैत श्रम कानून नंबर 6 के अनुच्छेद 56 के तहत की जा रही है।

शेख फहद अल-यूसुफ ने कहा कि सरकार अब वेतन में देरी को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चिंता जताई कि ऐसी प्रथाएं कुवैत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं और इनका संबंध मनी लॉन्ड्रिंग या मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों से हो सकता है। जिन कंपनियों के नाम PAM द्वारा भेजे जाएंगे, उन्हें सेंट्रल एजेंसी फॉर पब्लिक टेंडर्स के जरिए भविष्य के सरकारी कामों से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

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