कुवैत में नागरिकता रद्द होने पर रोकी गई पेंशन होगी बहाल

कुवैत में हाल ही में नागरिकता से जुड़े नियमों और प्रशासनिक फैसलों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सार्वजनिक सामाजिक सुरक्षा संस्थान (PIFSS) ने एक नया प्रस्ताव जारी किया है, जिसके तहत उन लोगों के पेंशन शेयर फिर से शुरू किए जाएंगे जिनकी नागरिकता वापस ले ली गई थी या जिनके मृत पेंशनभोगियों की नागरिकता पर असर पड़ा था। सरकारी गजट 'कुवैत अल-यौम' में प्रकाशित इस नए निर्देश से कई प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नया रेगुलेशन और एरियर भुगतान
इस नई व्यवस्था के तहत योग्य लाभार्थियों को उनकी पेंशन का भुगतान उस तारीख से वापस मिलना शुरू हो जाएगा, जब उसे निलंबित किया गया था। हालांकि, इसके लिए कुछ निश्चित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के अनुसार, मृतक व्यक्ति का नाम कुवैत की नागरिकता की जांच करने वाली सुप्रीम कमेटी की सूचियों में शामिल होना जरूरी है। इस पूरी प्रक्रिया को लागू करने की सीधी जिम्मेदारी पीआईएफएसएस को सौंपी गई है, जो नए नियंत्रणों के तहत भुगतान सुनिश्चित करेगी।
किन शर्तों और नियमों का रखना होगा ध्यान
भले ही पेंशन शेयर बहाल किए जा रहे हैं, लेकिन लाभार्थियों को कुछ विशेष नियमों और प्रतिबंधों का पालन करना होगा। इस प्रक्रिया में सोशल इंश्योरेंस लॉ के सामान्य प्रावधान लागू रहेंगे, लेकिन इसके कुछ विशेष अनुच्छेदों को इससे बाहर रखा गया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन बहाल किए गए शेयरों पर साल 2001 के कानून के तहत मिलने वाली सालाना बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। इसके अलावा, शादी के कारण रोके गए विवाह अनुदान का लाभ भी पात्र बेटियों, बहनों या पोतियों को नहीं मिल पाएगा। यह नया प्रस्ताव गजट में प्रकाशन के ठीक एक महीने बाद प्रभावी होने जा रहा है।
नागरिकता वापसी के प्रशासनिक फैसले
पेंशन बहाली का यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब देश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव और आदेश जारी किए गए हैं। सरकारी गजट में हाल ही में कई ऐसे डिक्री प्रकाशित किए गए हैं जिनके तहत बड़ी संख्या में लोगों की नागरिकता रद्द करने की पुष्टि की गई है। इस नीतिगत बदलाव और नए प्रशासनिक निर्देशों के बीच पीआईएफएसएस के इस कदम को एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रभावित परिवारों को उनकी पुरानी पेंशन से जुड़े वित्तीय अधिकार वापस दिलाएगा।