Kuwait News: कुवैत सरकार ने धार्मिक सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर दिया जोर, नया कानून लागू.

Aanya4 September 20263 min read47 viewsKuwait
Kuwait News: कुवैत सरकार ने धार्मिक सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर दिया जोर, नया कानून लागू.

कुवैत में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। कुवैत के औकाफ और इस्लामिक मामलों के मंत्री Dr. Mohammed Al-Wasmi ने आधिकारिक तौर पर देश की उस प्रतिबद्धता को दोहराया है जिसके तहत अलग-अलग धर्मों के मानने वालों के बीच आपसी सम्मान और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा जाता है। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को हुई एक अहम बैठक के दौरान मंत्री ने कैथोलिक चर्च के प्रवक्ता Father Suleiman Haifaoui (जिन्हें Father Suleiman Hifawi भी कहा जाता है) से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच देश में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई, जिसे वहां के स्थानीय मीडिया और इस्लामिक मामलों के मंत्रालय द्वारा भी साझा किया गया है।

वार्ता और आपसी समझ पर जोर

मिनिस्टर Dr. Mohammed Al-Wasmi ने मुलाकात के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए लगातार बातचीत और एक-दूसरे की बात को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य किसी भी प्रकार की असहिष्णुता को बर्दाश्त नहीं करेगा और देश के कानूनों के दायरे में रहकर हर किसी को अपने धर्म का पालन करने और अपनी आस्था की स्वतंत्रता का पूरा अधिकार दिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि ये सभी मूल मूल्य कुवैत की राष्ट्रीय उदारता, समाज में आपसी मेल-जोल और वहां रहने वाले हर एक व्यक्ति के प्रति दिखाए जाने वाले सम्मान को भली-भांति दर्शाते हैं। कुवैत में रहने वाले लाखों प्रवासियों, विशेष तौर पर भारतीय नागरिकों के लिए भी यह नियम और नीतियां बहुत मायने रखती हैं क्योंकि इससे वहां एक सुरक्षित और शांत माहौल मिलता है।

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पूजा स्थलों के लिए नया कानून

धार्मिक मामलों को बेहतर ढंग से चलाने और नियमों को स्पष्ट करने के लिए कुवैत सरकार ने जुलाई 2026 में Decree Law No. 72/2026 को लागू किया था। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य प्रार्थना और पूजा स्थलों के निर्माण और उनकी देखरेख को कानूनी दायरे में लाना है। यह कानून धार्मिक प्रथाओं की रक्षा करने के साथ-साथ समाज में धार्मिक सौहार्द, सहनशीलता और उदारता को बढ़ावा देने का काम करता है। इसके जरिए यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी पूजा स्थल का इस्तेमाल राजनीति या किसी अन्य गैर-धार्मिक कामों के लिए बिल्कुल न किया जाए। इस नए कानून में कुल 30 अनुच्छेद शामिल किए गए हैं और इसमें स्पष्ट रूप से नौ प्रकार की गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है।

प्रतिबंधित गतिविधियां और नई समितियां

नए कानून के तहत जिन नौ बातों को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है, उनमें किसी भी अन्य धर्म का अपमान करना, देश के अंदरूनी मामलों में दखल देना, आपसी भाईचारे या नस्लीय तनाव को भड़काना, और आतंकवाद या हिंसा को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा बिना अनुमति के किसी भी तरह के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की भी मनाही है। इन सभी नियमों को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने एक विशेष Committee for Places of Worship का गठन किया है, जिसमें देश के अलग-अलग विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। सरकार के इस सख्त फैसले के बाद सभी पूजा स्थलों के प्रबंधकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे कानून लागू होने के छह महीने के भीतर सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताओं और नियमों का पालन करना सुनिश्चित करें। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Gulfhindi.com पर विजिट कर सकते हैं जहाँ प्रवासियों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर विस्तार से दी जाती है।

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