Kuwait में ड्रोन हमला, रिहायशी इलाके में लगी आग, एयर डिफेंस ने हवा में रोके कई खतरे.

कुवैत की राजधानी में बुधवार, 2 सितंबर 2026 की सुबह एक रिहायशी परिसर में जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। यह आग एक लक्षित दुश्मन ड्रोन हमले के बाद लगी थी, जिस पर दमकल विभाग ने समय रहते काबू पा लिया। इस घटना से देश में रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है, खासकर उन भारतीय कामगारों के लिए जो वहां रहकर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। कुवैत फायर फोर्स के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अल-घरीब ने मीडिया को बताया कि अल-हिलाल और अल-मदीना फायर स्टेशन की टीमों ने सुबह-सुबह मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर सामने नहीं आई और केवल संपत्ति को ही नुकसान पहुंचा।
कुवैत में एयर डिफेंस का एक्शन
कुवैत सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने जानकारी दी कि देश के राष्ट्रीय एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय हैं और पूरे देश में आने वाले hostile मिसाइल और ड्रोन खतरों को हवा में ही रोक रहे हैं। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे शांत रहें और सुरक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इलाके में जो धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, वे असल में इन्हीं रक्षात्मक अभियानों का हिस्सा थीं। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) सहित कई सरकारी मीडिया आउटलेट्स ने इस घटना को ईरान की आक्रामकता का परिणाम बताया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप WAM News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
आईजीआरसी ने ली हमले की जिम्मेदारी
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने इस क्षेत्र में हुए व्यापक हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों का जवाब थी, जिसमें खास तौर पर कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस रिहायशी परिसर के अलावा, IRGC ने अली अल सलेम एयर बेस पर भी हमला करने का दावा किया और कहा कि इस स्ट्राइक में ड्रोन नष्ट हुए तथा अमेरिकी कर्मियों को नुकसान पहुंचा। ये सभी सैन्य गतिविधियां कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में फैले अमेरिकी हितों को प्रभावित कर रही हैं, जिससे खाड़ी देशों में सुरक्षा के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।