कुवैत में सुरक्षा अभियान: जहरा और अल-राई में बड़ी कार्रवाई, कई गिरफ्तार

कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने देश में कानून व्यवस्था को सख्त करने के लिए जहरा और अल-राई इलाकों में व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक अभियान चलाया है। इस बड़ी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों के रेजिडेंसी स्टेटस की जांच करना, लेबर कानूनों का पालन सुनिश्चित करना और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकना था। सुरक्षा बलों ने इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया है और कई चालान काटे हैं।
जहरा गवर्नरेट में यह ऑपरेशन रेस्क्यू पुलिस के महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल हमलान अल-हम्लान और फील्ड कमांडर कर्नल सबा अल-सबाह की देखरेख में चलाया गया। इस दौरान ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ 103 चालान जारी किए गए। इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने 15 लोगों को एक्सपायर्ड इकामा (रेजिडेंसी परमिट) के कारण, 15 को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा वांछित होने पर, और 12 लोगों को पहचान पत्र न होने के कारण गिरफ्तार किया। वहीं, 9 लोगों को 'तगाय्यूब' (स्पॉन्सर द्वारा दर्ज फरार रिपोर्ट) के आरोप में पकड़ा गया और 7 संदिग्ध वाहनों को जब्त किया गया।
अल-राई के शुक्रवार बाजार में संयुक्त छापेमारी
दूसरी ओर, अल-राई क्षेत्र के सूक अल-जुमा (शुक्रवार बाजार) में एक संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें कुवैत नगर पालिका, बिजली और जल मंत्रालय, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) और खाद्य एवं पोषण प्राधिकरण शामिल थे। इस छापेमारी के नतीजे काफी चौंकाने वाले रहे:
- तगाय्यूब मामले: 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया जो अपने स्पॉन्सर से फरार थे।
- रेजिडेंसी उल्लंघन: 16 लोगों का इकामा एक्सपायर पाया गया।
- लेबर कानून: 8 लोगों को श्रम कानूनों के उल्लंघन में पकड़ा गया।
- वीजा और अन्य: 3 लोग एक्सपायर्ड एंट्री वीजा के कारण और 2 लोग वित्तीय कर्ज के मामलों में पकड़े गए।
इसके अलावा, स्वास्थ्य मानकों पर खरा न उतरने वाले 2 लोगों और अवैध स्ट्रीट वेंडर्स को भी पकड़ा गया। प्रशासन ने खाद्य एवं पोषण प्राधिकरण और मैनपावर अथॉरिटी के माध्यम से कई जुर्माने भी लगाए। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 120 मामलों में मानवीय सहायता भी प्रदान की।
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह चेतावनी है कि रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन करने पर 50 दीनार प्रतिदिन का जुर्माना और डिपोर्टेशन (देश निकाला) जैसी कड़ी सजा हो सकती है। अधिकारियों ने सभी निवासियों को सलाह दी है कि वे हमेशा अपना सिविल आईडी साथ रखें और तगाय्यूब जैसे विवादों को तुरंत श्रम विभाग या PAM के माध्यम से सुलझाएं ताकि सुरक्षा चौकियों पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।