कुवैत में कारोबार छिपाने पर सख़्त नया कानून फ़रवरी 2027 से लागू होगा

कुवैत: कुवैत में कारोबार छिपाने के खिलाफ एक सख़्त कानून फ़रवरी 2027 से लागू होने जा रहा है। डिक्री-लॉ नंबर 78 ऑफ 2026 नाम के इस कानून का मकसद उन कारोबारों पर रोक लगाना है, जिनमें कोई व्यक्ति दूसरे के नाम पर लाइसेंस लेकर काम करता है।
यह कानून 9 अगस्त 2026 को आधिकारिक गजट में प्रकाशित किया गया था। इसके तहत नॉमिनी व्यवस्था से चलने वाले कारोबार सीधे निशाने पर होंगे, यानी वे लोग जो स्वामित्व के नियमों से बचने के लिए दूसरों के नाम पर लाइसेंस रजिस्टर करवाते हैं।
नियम तोड़ने वालों को एक से तीन साल तक की जेल हो सकती है। जुर्माना 10,000 कुवैती दिनार से 1,00,000 कुवैती दिनार तक होगा, या फिर अवैध मुनाफे के बराबर रकम, जो भी ज्यादा हो। इसके अलावा कमाई और उपकरणों की जब्ती, कारोबार को स्थायी रूप से बंद करने, कारोबारी लाइसेंस रद्द करने और अदालती फैसलों को सार्वजनिक करने की सजा भी दी जा सकती है।
विदेशी अपराधियों को जेल की सजा पूरी होने के बाद अनिवार्य रूप से देश से निकाला जाएगा। कानून के लागू होने की जिम्मेदारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (MOCI) पर होगी। उसे लोक अभियोजन, कुवैत वित्तीय खुफिया इकाई, गृह मंत्रालय, बैंकों और मुद्रा विनिमय कंपनियों का सहयोग मिलेगा।
इस कानून के तहत तीनों स्तर की अदालतों में विशेष "इकोनॉमिक सर्किट" बनाए जाएंगे, ताकि कारोबारी विवादों का निपटारा तेजी से हो सके। आपराधिक जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन पर भी होगी, जिसमें निदेशक और महाप्रबंधक शामिल हैं। कंपनी के लिए काम करते हुए कर्मचारियों की वजह से लगे वित्तीय जुर्माने की जिम्मेदारी कानूनी इकाई पर भी संयुक्त रूप से रहेगी।
नियमों का पालन और अपराध का पता लगाने के लिए कानून में सूचना देने वालों के लिए इनाम का प्रावधान भी है। जो व्यक्ति अपराध में शामिल नहीं है, उसे अंतिम दोषसिद्धि के बाद वसूले गए जुर्माने का 10 प्रतिशत तक दिया जाएगा।
यह कदम पहले से लागू सख़्ती को और आगे बढ़ाता है। मंत्रालयी प्रस्ताव नंबर 156 ऑफ 2026 के जरिए अंतिम लाभार्थी स्वामित्व (UBO) की रिपोर्टिंग की समय सीमा घटाकर 15 दिन कर दी गई है। जो कारोबारी अभी नॉमिनी व्यवस्था से काम चला रहे हैं, उनसे कहा गया है कि मुकदमे और स्थायी संपत्ति जब्ती से बचने के लिए तुरंत अपने ढांचे में बदलाव करें।