कुवैत ने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के आरोप में ईरान के राजदूत को तलब कर जताया विरोध
कुवैत ने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के आरोप में ईरान के राजदूत मोहम्मद टूतौंची को तलब कर औपचारिक विरोध जताया है।

कुवैत: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को ईरान के राजदूत मोहम्मद टूतौंची को तलब किया है। उन्हें बुलाकर एक औपचारिक विरोध नोट सौंपा गया है। यह कदम ईरानी दूतावास द्वारा जारी एक बयान के बाद उठाया गया है, जिसे कुवैत ने अपने आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
यह पूरा विवाद इस हफ्ते कुवैत की राज्य सुरक्षा और आतंकवाद अपराध न्यायालय के एक फैसले से शुरू हुआ। कोर्ट ने तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने कुवैत के वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने के लिए ईरान और लेबनानी मिलिटेंट ग्रुप हिजबुल्लाह के साथ मिलकर काम किया था।
कोर्ट के इस फैसले के बाद 28 अक्टूबर को ईरानी दूतावास ने एक बयान जारी किया। इसमें साजिश में ईरान की किसी भी भूमिका या कुवैत की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया गया। दूतावास ने दावा किया कि आरोपों में जिस व्यक्ति का जिक्र है, वह पिछले 10 साल से कुवैत में नहीं रहा है।
ईरानी मिशन ने कुवैत के प्रति 'लगातार नकारात्मक दृष्टिकोण' की आलोचना की और इन आरोपों को निराधार और पुराने तौर-तरीकों पर आधारित बताया। बयान में क्षेत्रीय देशों से जिम्मेदार नीतियां अपनाने की अपील की गई और ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों का जिक्र करते हुए इसे क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बताया गया।
कुवैत के उप विदेश मंत्री हमद सुलेमान अल-मशान की देखरेख में राजदूत टूतौंची को तलब किया गया। कुवैत ने अपने विरोध में स्पष्ट किया कि ईरान का यह व्यवहार अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 1961 के वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है। कुवैती अधिकारियों ने तेहरान से अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का पालन करने और कुवैत की न्यायिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप बंद करने की मांग की है।