न्यायपालिका पर बयान देने के बाद कुवैत ने ईरानी राजदूत को तलब कर जताया कड़ा विरोध

कुवैत ने अपनी न्यायपालिका पर बयान देने के कारण ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध जताया है।

Samiksha Soni28 October 20262 min read0 viewsKuwait
न्यायपालिका पर बयान देने के बाद कुवैत ने ईरानी राजदूत को तलब कर जताया कड़ा विरोध

कुवैत: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ईरानी राजदूत मोहम्मद तोतौंची को तलब किया है। डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर एंबेसडर हमद सुलेमान अल-मशान ने राजदूत को बुलाकर एक औपचारिक विरोध नोट सौंपा। यह कदम कुवैत में ईरानी दूतावास द्वारा जारी एक बयान के जवाब में उठाया गया है।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूतावास के बयान को देश के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप बताया है। मंत्रालय का कहना है कि यह बयान कुवैत की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है और उसकी स्वतंत्र न्यायपालिका को चुनौती देने जैसा है।

यह पूरा विवाद सोमवार को कुवैत की अदालत द्वारा सुनाए गए एक फैसले के बाद शुरू हुआ। अदालत ने वरिष्ठ कुवैत अधिकारियों, जिनमें प्रथम डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और इंटीरियर मिनिस्टर शेख फहद अल-यूसुफ अल-सबाह शामिल थे, की हत्या की साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई है।

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सजा पाने वालों में ईरानी नागरिक अब्दुलरेधा हैदर दहकानी भी शामिल हैं। दहकानी को 2016 में जासूसी के आरोप में गैर-मौजूदगी में सजा सुनाई गई थी। उनके साथ धार्मिक हस्ती और नेशनल इस्लामिक एलायंस के महासचिव हुसैन अब्दुल्ला अल-मातूक को भी सजा मिली है। कोर्ट केस में इन लोगों पर हिजबुल्लाह के साथ मिलकर काम करने का आरोप है।

दूसरी तरफ ईरानी दूतावास ने अपने बयान में सुरक्षा खतरों या हत्या की साजिशों में ईरान की किसी भी संलिप्तता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दूतावास ने दावा किया कि आरोपी ईरानी नागरिक पिछले एक दशक से कुवैत में मौजूद नहीं है। दूतावास ने ईरान पर हस्तक्षेप के निराधार आरोप लगाने और नकारात्मक रवैया अपनाने पर दुख जताया है।

ईरानी दूतावास की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह अपने अदालती फैसलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। मंत्रालय ने ईरान से संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून, 1961 के विएना कन्वेंशन और राज्यों की संप्रभुता से जुड़े अच्छे पड़ोसी सिद्धांतों का पालन करने को कहा है।

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