न्यायिक मामलों में दखल देने पर कुवैत ने ईरानी राजदूत को तलब कर जताया कड़ा विरोध
कुवैत ने न्यायिक मामलों में दखल देने पर ईरानी राजदूत मोहम्मद तूतौंची को तलब कर विरोध जताया है।

कुवैत: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ईरानी राजदूत मोहम्मद तूतौंची को तलब किया है। मंत्रालय ने राजदूत को औपचारिक रूप से एक विरोध पत्र सौंपा है। यह कदम ईरानी दूतावास द्वारा कुवैत की एक आपराधिक अदालत के फैसले पर दिए गए बयान के बाद उठाया गया है।
कुवैत सरकार ने ईरान के इस बयान को अपने आंतरिक मामलों में सीधा दखल बताया है। सरकार के मुताबिक यह कदम राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है और देश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने की कोशिश है।
उप विदेश मंत्री हमद सुलेमान अल-मशान ने विरोध पत्र सौंपते हुए साफ किया कि कुवैत अपनी राष्ट्रीय अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने जोर दिया कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 1961 के वियना कन्वेंशन के नियमों का पालन करना चाहिए।
यह पूरा विवाद सोमवार को एक आपराधिक अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले से शुरू हुआ। अदालत ने ईरान और हिजबुल्लाह के लिए जासूसी करने और प्रथम उप प्रधानमंत्री व आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ समेत कई बड़े अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने के आरोप में सजा सुनाई थी।
अदालत ने इस मामले में एक ईरानी नागरिक समेत तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई है, जबकि आठ अन्य को पांच साल की जेल दी गई है। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों पर कुवैत की स्वतंत्रता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया था।
इस फैसले के बाद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी किया था। दूतावास ने इन आरोपों को आधारहीन और कमजोर बताया था। ईरान ने दावा किया कि आरोपी ईरानी नागरिक पिछले दस सालों से कुवैत नहीं गया है और क्षेत्रीय देशों से तनाव न बढ़ाने की अपील की थी।