कुवैत ने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के आरोप में ईरानी राजदूत को तलब कर जताया विरोध
कुवैत ने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और न्यायिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के आरोप में ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध जताया है।

कुवैत: कुवैत सरकार ने अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप में ईरान के राजदूत को तलब किया है। कुवैत के अधिकारियों ने राजदूत को एक औपचारिक विरोध पत्र सौंपा, जिसमें राष्ट्रीय संप्रभुता के उल्लंघन और कुवैत की न्यायपालिका की स्वतंत्रता में दखल देने की बात कही गई है।
यह राजनयिक तनाव सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को एक कुवैती अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद बढ़ा है। अदालत ने तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इन लोगों पर ईरान के लिए जासूसी करने, हिजबुल्लाह में शामिल होने और कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ सौद अल-सबाह की हत्या की साजिश रचने का आरोप था।
इसी मामले में अन्य आठ लोगों को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत के इस फैसले और उसके बाद हुई राजनयिक हलचल ने दोनों देशों के बीच तनाव पैदा कर दिया है।
दूसरी ओर, कुवैत में ईरानी दूतावास ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को अपने 'X' अकाउंट पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। दूतावास ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। ईरान का दावा है कि इस साजिश में शामिल ईरानी नागरिक पिछले दस वर्षों से कुवैत में नहीं रहा है।
ईरानी दूतावास ने इन आरोपों को पुराना और कमजोर बताते हुए कहा कि ईरान के प्रति लगातार नकारात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। तेहरान के मुताबिक, हस्तक्षेप के ये निराधार आरोप अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
बयान में क्षेत्रीय देशों से तनाव न बढ़ाने और समझदारी भरी नीतियां अपनाने की अपील की गई है। ईरान ने इस दौरान अमेरिका और इजरायल द्वारा उसके खिलाफ की जा रही सैन्य आक्रामकता पर भी चिंता जताई है।