सऊदी अरब पर हूती हमलों की कुवैत ने की कड़ी निंदा और पड़ोसी देश के साथ खड़े रहने का जताया भरोसा

कुवैत: कुवैत ने सऊदी अरब के खिलाफ यमन के ईरान समर्थित हूती समूह द्वारा किए जा रहे लगातार आतंकी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुवैत ने साफ किया है कि वह इस मुश्किल घड़ी में अपने पड़ोसी देश के साथ मजबूती से खड़ा है।
कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) द्वारा 18 अक्टूबर 2026 को जारी एक बयान में कहा गया कि सऊदी अरब की सुरक्षा कुवैत और पूरे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। कुवैत सरकार के मुताबिक, हूती समूह द्वारा की जा रही ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानून और सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं।
क्षेत्र में सुरक्षा हालात तब और बिगड़ गए जब 6 से 12 अक्टूबर 2026 के बीच कई बड़े हमले हुए। इन हमलों में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
इन हमलों में अब तक कम से कम 20 लोगों की जान जा चुकी है और 370 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 10 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि 1 अक्टूबर से अब तक इस एयरपोर्ट को 20 बार निशाना बनाया गया है।
सैन्य गतिविधियां अब भी जारी हैं। सऊदी गठबंधन ने 17 अक्टूबर को चार ड्रोन और 18 अक्टूबर को दो बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ तीन ड्रोन को हवा में ही रोका।
वहीं, हूती प्रवक्ता याहिया सारे ने दावा किया कि 17 अक्टूबर को नजरान क्षेत्र में एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया। दूसरी तरफ, सऊदी गठबंधन ने बताया कि 18 अक्टूबर को एक AH-6i हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से दो पायलटों की मौत हुई, जिसका कारण तकनीकी खराबी थी।
इस अस्थिरता के बीच खबरें हैं कि मिस्र रक्षा सहायता देने पर विचार कर रहा है। वहीं, अकासा एयर ने रियाद और जेद्दा के लिए अपनी उड़ानों के निलंबन को 27 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है।