Kuwait News: कुवैत ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, 11 एक्सचेंज कंपनियों पर लगाई रोक.

कुवैत देश के वित्तीय नियमों को सख्त बनाने के लिए सरकार लगातार कड़े फैसले ले रही है और इसी कड़ी में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। Kuwait सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने वाले नियमों का पालन न करने पर करीब 11 छोटी और मध्यम आकार की एक्सचेंज कंपनियों के काम पर अस्थाई रोक लगा दी है। इन कंपनियों पर यह कार्रवाई एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग चरणों में की गई है ताकि देश की वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।
क्यों हुई कंपनियों पर कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक इन एक्सचेंज कंपनियों ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाले सिस्टम और प्रक्रियाओं को समय के साथ अपडेट नहीं किया था। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF द्वारा फरवरी 2026 में कुवैत को अपनी बढ़ी हुई निगरानी सूची में रखे जाने के बाद से ही देश में वित्तीय नियंत्रण को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। हालांकि जिन कंपनियों पर रोक लगी है वे भी उन पैसों के लेन-देन को पूरा कर सकती हैं जिन्हें इस रोक के लागू होने से पहले शुरू किया गया था।
अपने कामकाज को दोबारा शुरू करने के लिए इन सभी कंपनियों को Central Bank of Kuwait और Financial Intelligence Unit (KwFIU) द्वारा तय किए गए मानकों के हिसाब से अपने अंदरूनी सिस्टम को ठीक करना होगा। इसमें पैसों भेजने वाले या पाने वाले व्यक्ति की पहचान को पुख्ता करना, ज्यादा जोखिम वाले लेन-देन पर कड़ी नजर रखना और किसी भी अजीब वित्तीय गतिविधि की गहराई से जांच करना शामिल है। इस समय सेंट्रल बैंक की देखरेख में कुल 33 लाइसेंस प्राप्त एक्सचेंज कंपनियां काम कर रही हैं।
साल 2026 में कड़े हुए वित्तीय नियम
साल 2026 के दौरान कुवैत में नियमों का दायरा काफी ज्यादा सख्त कर दिया गया है। अगस्त महीने से ही एक्सचेंज हाउसों के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे KD 3,000 से ज्यादा के ट्रांसफर के लिए सख्त वेरिफिकेशन करें। इसके साथ ही एक ग्राहक के लिए नकद पैसे भेजने की सीमा को रोजाना के हिसाब से अधिकतम KD 1,000 तय कर दिया गया है ताकि काले धन पर लगाम लगाई जा सके।
इसके अलावा सितंबर 2026 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मिनिस्ट्रियल डिसीजन 172 और 173 को लागू किया जिसके तहत सोना, कीमती धातुओं और प्रॉपर्टी के खरीद-फरोख्त के लिए केवल डिजिटल या बिना नकद वाले पेमेंट तरीकों को अनिवार्य कर दिया गया है। फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट के नियमों के अनुसार किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी कंपनियों को दो कार्यदिवस के भीतर देनी होगी और रिकॉर्ड रखने के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। ऐसा न करने पर कंपनियों पर KD 500,000 तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है जिसकी जानकारी आधिकारिक KwFIU Media News पोर्टल पर दी गई है। इन तमाम बदलावों से कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों को भी वित्तीय लेन-देन करते समय अब ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।