Kuwait News: कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी स्कूलों से 7 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नौकरी खत्म.

कुवैत देश से प्रवासियों के लिए एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। कुवैत के शिक्षा मंत्रालय ने सरकारी स्कूलों में काम कर रहे 7,019 प्रवासी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का बड़ा कदम उठाया है। इस बड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा होने की समस्या को खत्म करना और देश में स्थानीय लोगों को नौकरियां देने की नीति को आगे बढ़ाना है। शिक्षा मंत्री Jalal Al-Tabtabai के निर्देश पर 7 से 8 सितंबर 2026 के बीच इस योजना के पहले चरण की शुरुआत कर दी गई है।
प्रवासी शिक्षकों पर सीधा असर और मुख्य बातें
कुवैत सरकार के इस नए फैसले का असर केवल सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों पर ही पड़ेगा। निजी यानी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों पर इस फैसले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निकाले गए इन 7,019 शिक्षकों में कई अलग-अलग देशों के लोग शामिल हैं, जिनमें मिस्र यानी मिस्र देश के शिक्षकों की संख्या काफी ज्यादा है। मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, नौकरी गंवाने वाले कुल शिक्षकों में 5,468 महिलाएं हैं जो कुल संख्या का लगभग 78 प्रतिशत हैं, जबकि 1,551 पुरुष शिक्षक शामिल हैं जो 22 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। जिन विषयों के शिक्षकों को सबसे ज्यादा हटाया गया है, उनमें शारीरिक शिक्षा यानी फिजिकल एजुकेशन और इस्लामिक स्टडीज मुख्य रूप से शामिल हैं, क्योंकि मंत्रालय ने इन्हीं विभागों में शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा पाई थी।
नौकरी से हटाने का तरीका और मिलने वाले फायदे
शिक्षा मंत्री Jalal Al-Tabtabai ने यह साफ आदेश दिया है कि शिक्षकों को किसी भी रैंडम तरीके से नहीं बल्कि उनकी नौकरी की लंबाई यानी सर्विस के आधार पर हटाया जाएगा। जिन भी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उन्हें सरकार के आधिकारिक ऐप 'Sahel' के जरिए इसकी जानकारी दी जाएगी। मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जिन लोगों की नौकरियां जा रही हैं, उनके सभी कानूनी और नौकरी से जुड़े हुए हक पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे और उन्हें उनका पूरा बकाया दिया जाएगा।
सरकार का वित्तीय फायदा और प्राइवेट स्कूलों की स्थिति
सरकार के इस बड़े प्रशासनिक बदलाव से देश के बजट पर पड़ने वाला दबाव कम होगा। इस रीस्ट्रक्चरिंग योजना से सरकार के सैलरी बजट में हर साल लगभग 42 मिलियन कुवैती डिनार की भारी बचत होने की उम्मीद है। हालांकि सार्वजनिक यानी सरकारी क्षेत्र में हजारों मिस्र के शिक्षकों की नौकरी गई है, लेकिन मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले लगभग 6,527 मिस्र के शिक्षक इस फैसले से पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।