कुवैत में डिलीवरी वर्कर्स के खिलाफ ट्रैफिक विभाग ने चलाया बड़ा अभियान, नियम तोड़ने वालों की गाड़ियां जब्त कर भेजा जेल

कुवैत के जनरल ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने डिलीवरी वर्कर्स के खिलाफ सड़क सुरक्षा अभियान चलाया है, जिसमें कई गाड़ियां जब्त की गई हैं।

Nura Basta22 October 20262 min read0 viewsKuwait
कुवैत में डिलीवरी वर्कर्स के खिलाफ ट्रैफिक विभाग ने चलाया बड़ा अभियान, नियम तोड़ने वालों की गाड़ियां जब्त कर भेजा जेल

कुवैत: जनरल ट्रैफिक डिपार्टमेंट (जीडीटी) ने होम डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सड़क सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में चालान काटे गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों को स्थानीय पुलिस थानों में हिरासत में लिया गया है।

अभियान के तहत कई मोटरसाइकिलों और कारों को जब्त किया गया है। यह पूरी कार्रवाई आंतरिक मंत्रालय की देखरेख में सड़क अनुशासन सुधारने और खतरनाक ड्राइविंग को रोकने के लिए की गई है।

इस ऑपरेशन का पर्यवेक्षण ट्रैफिक और ऑपरेशंस अफेयर्स सेक्टर के प्रमुख ब्रिगेडियर अहमद फहद अल-अज़मी ने किया। जीडीटी के महानिदेशक ब्रिगेडियर राशिद हमूद अल-हाजरी और ट्रैफिक रेगुलेशन अफेयर्स के सहायक महानिदेशक कर्नल अय्यूब गाजी फताल्लाह ने भी इस अभियान का निर्देशन किया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

यह कदम प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ के समर्थन वाले सुरक्षा पहलों का हिस्सा है। अधिकारियों ने पाया कि डिलीवरी कर्मी सड़क के दाईं ओर चलने, गलत तरीके से ओवरटेक करने और वाहनों के बीच से तेजी से निकलने जैसे नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।

इसके अलावा, फुटपाथों पर गाड़ी चलाने, डिलीवरी बॉक्स पर जरूरी लाइट न लगाने और रिफ्लेक्टिव वेस्ट (चमकदार जैकेट) न पहनने जैसी कमियां भी पाई गईं। नियमों के मुताबिक, उल्लंघन करने वाले वाहनों और मोटरसाइकिलों को कम से कम 60 दिनों के लिए जब्त किया जा सकता है।

ट्रैफिक अवेयरनेस डिपार्टमेंट के डायरेक्टर कर्नल फहद अल-एसा ने पहले ही संकेत दिया था कि जिन कंपनियों के ड्राइवर बार-बार कानून तोड़ेंगे, उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने 4 अक्टूबर और 18 अक्टूबर 2026 को डिलीवरी कंपनियों को चेतावनी जारी की थी। इसमें कंपनियों को अपने स्टाफ की निगरानी करने और उन्हें नियमों के प्रति शिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

यह कार्रवाई उसी समय हुई है जब 1 सितंबर 2026 से लागू हुआ मंत्रिस्तरीय निर्णय संख्या 109/2026 प्रभावी है, जो इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी प्लेटफॉर्म के कमीशन और फीस को नियंत्रित करता है।

Share:

Comments

Leave a comment