Kuwait New Law: कुवैत में घरेलू हिंसा रोकने के लिए नया नियम लागू, अब सख्त कार्रवाई करेंगे अधिकारी.

कुवैत सरकार ने घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों को रोकने और पीड़ितों को पूरी सुरक्षा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 2 सितंबर 2026 को कुवैत की सामाजिक मामलों, परिवार और बाल मामलों की मंत्री डॉ. अंथाल अल-हुवैला ने एक नए मंत्री स्तर के फैसले की घोषणा की है। इस नए नियम के तहत प्रोटेक्शन सेंटर्स डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को न्यायिक नियंत्रण की शक्तियां दी गई हैं। यह नया ढांचा मार्च 2026 में लागू किए गए डिक्री कानून नंबर 11 के प्रावधानों को आगे बढ़ाता है, जिसने साल 2020 के पुराने कानून की जगह ली है। इस पूरी आधिकारिक जानकारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप कुवैत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
घरेलू हिंसा के दायरे में अब कई नई बातें शामिल
नया कानून घरेलू हिंसा की परिभाषा को काफी बड़ा करता है। अब इसके तहत सिर्फ शारीरिक मारपीट ही नहीं, बल्कि मानसिक यानी मनोवैज्ञानिक, यौन और आर्थिक नुकसान को भी घरेलू हिंसा माना जाएगा। सरकार ने पीड़ितों की मदद के लिए राज्य द्वारा संचालित सुरक्षित आश्रय स्थल यानी शेल्टर और एक विशेष सहायता फंड भी बनाया है। इन नए नियमों का मकसद देश में घरेलू हिंसा के मामलों पर लगाम लगाना और पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाना है।
कर्मचारियों के लिए योग्यता और ट्रेनिंग के कड़े नियम
नए नियमों के मुताबिक जिन कर्मचारियों को न्यायिक अधिकार दिए जाएंगे, उनका कुवैती नागरिक होना जरूरी है। इसके अलावा उनके पास कानून, मनोवैज्ञानिक परामर्श या सामाजिक परामर्श में बैचलर डिग्री होनी चाहिए। इन अधिकारियों को कुवैत इंस्टीट्यूट फॉर ज्यूडिशियल एंड लीगल स्टडीज से विशेष ट्रेनिंग लेनी होगी और एक औपचारिक कानूनी शपथ भी लेनी होगी। इनकी जिम्मेदारी हिंसा के मामलों की निगरानी करना, सबूतों को सुरक्षित रखना और रिपोर्ट को तुरंत पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के पास भेजना होगी। मामलों की जांच करने का पूरा अधिकार केवल पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के पास ही रहेगा।
सख्त सजा और कानूनी प्रावधान
मंत्री डॉ. अंथाल अल-हुवैला ने कहा कि इन उपायों का मुख्य उद्देश्य योग्य और प्रशिक्षित राष्ट्रीय कर्मचारियों को घरेलू हिंसा के मामलों से पूरी ईमानदारी और गोपनीयता के साथ निपटने के लिए तैयार करना है। न्याय मंत्री और कुवैत इंस्टीट्यूट फॉर ज्यूडिशियल एंड लीगल स्टडीज के चेयरमैन काउंसलर नासिर अल-सुमैत ने भी इस बात पर जोर दिया कि कानूनी नियमों को सफल बनाने के लिए समाज और मीडिया दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे। नए कानूनी ढांचे के तहत सुरक्षा आदेश तोड़ने वालों, झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों या पीड़ितों को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सभी संबंधित कार्यवाही में मानहानि करने पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है।