ईरान के हमलों को रोकने के लिए कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव 2817 को तुरंत लागू करने की मांग की
कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को तुरंत लागू करने की मांग की है ताकि ईरान के हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता को रोका जा सके।

कुवैत: कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की वैश्विक मांग की है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस दिशा में जल्द कदम उठाने चाहिए।
यह प्रस्ताव 11 मार्च 2026 को अपनाया गया था, जिसमें 13 देशों ने समर्थन किया और 2 ने मतदान से दूरी बनाई। इस प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन समेत जीसीसी देशों पर ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई है।
कुवैत का कहना है कि 28 फरवरी 2026 से संप्रभुता का उल्लंघन और नागरिक बुनियादी ढांचे को खतरा बना हुआ है। राजदूत तारिक अल-बनाई सहित कुवैती अधिकारियों ने जोर दिया है कि क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेनी होगी ताकि भविष्य के हमलों को रोका जा सके।
कुवैत ने केवल क्षेत्रीय हमलों ही नहीं, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को निशाना बनाने वाली शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को बंद करने की भी आवश्यकता जताई है। जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर के हालिया आकलन के मुताबिक, व्यावसायिक शिपिंग में लगातार बाधाओं के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में खतरे का स्तर 'गंभीर' बताया गया है।
क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं क्योंकि लाल सागर में ईरान समर्थित हूती खतरों से वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर जोखिम बना हुआ है। इसी सुरक्षा स्थिति और बढ़ते हमलों के खतरे को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने क्षेत्र में अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श (travel advisories) को अपडेट किया है।
कुवैत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खुले उल्लंघन के लिए ईरान को जवाबदेह ठहराना उसकी राजनयिक प्राथमिकता है।