कुवैत में अब नहीं रुकेगी सैलरी! सरकार ने लॉन्च किया KWPS प्लेटफॉर्म

कुवैत में काम करने वाले निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कुवैत के सेंट्रल बैंक (CBK) ने Kuwait Wage Payment System (KWPS) नाम से एक नया नेशनल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 18.4 लाख कर्मचारियों, जिनमें कुवैती नागरिक और प्रवासी श्रमिक (Expatriates) दोनों शामिल हैं, के वेतन का बारीकी से निरीक्षण और निगरानी करना है।
क्या है KWPS और कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
यह नई पहल पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) के साथ मिलकर चलाई जा रही है। इस व्यवस्था के तहत, सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत तकनीकी और परिचालन संबंधी जिम्मेदारियां संभालेगा, जबकि पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर यह सुनिश्चित करेगी कि कंपनियां श्रम नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं।
इस सिस्टम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- डिजिटल भुगतान अनिवार्य: अब निजी क्षेत्र की सभी कंपनियों के लिए अपने कर्मचारियों का वेतन स्थानीय बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजना अनिवार्य होगा।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: इस प्लेटफॉर्म की मदद से अधिकारी तुरंत देख पाएंगे कि किसी कर्मचारी को समय पर वेतन मिला है या नहीं। यदि कोई कंपनी वेतन देने में देरी करती है या भुगतान नहीं करती है, तो अधिकारियों को इसकी तुरंत जानकारी मिल जाएगी।
- ISO 20022 मानक: यह सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानक ISO 20022 पर आधारित है, जिससे डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी और बैंकों के बीच जानकारी साझा करना आसान हो जाएगा।
प्रवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षा कवच
कुवैत में भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस जैसे देशों से आने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों के लिए यह सिस्टम एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। अक्सर देखा जाता था कि कुछ कंपनियां वेतन में देरी करती थीं या भुगतान में धोखाधड़ी करती थीं, लेकिन अब डिजिटल ट्रांसफर अनिवार्य होने से 'वेतन चोरी' (Wage Theft) पर लगाम लगेगी।
सभी कंपनियों के लिए नियम लागू
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी आकार की कंपनियों पर लागू होगा। इसमें कर्मचारियों की कोई न्यूनतम संख्या तय नहीं की गई है; यानी छोटी से छोटी कंपनी को भी इस सिस्टम का हिस्सा बनना होगा।
यह प्रोजेक्ट कुवैत नेशनल पेमेंट सिस्टम (KNPS2) के तहत तीसरी बड़ी पहल है। इससे पहले कुवैत ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (KACH) और कुवैत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट सिस्टम (KDMS) को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इस नए कदम से कुवैत के श्रम बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आसान हो जाएगा।