सऊदी अरब पर हूती हमलों की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की कड़ी निंदा और कुवैत ने इस फैसले का स्वागत किया

कुवैत: कुवैत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस अध्यक्षीय बयान का आधिकारिक तौर पर स्वागत किया है, जिसमें सऊदी अरब के खिलाफ हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई है। सुरक्षा परिषद ने इन हमलों को लापरवाह बताया है और उनकी तीव्रता पर चिंता जताई है।
सुरक्षा परिषद का यह बयान गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। इसमें खासतौर पर 10 और 11 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों की निंदा की गई है। इन हमलों में 13 से 14 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा परिषद के इस रुख का समर्थन किया है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब को अपने बचाव का पूरा अधिकार है, इस बात पर अंतरराष्ट्रीय संस्था ने जोर दिया है। साथ ही सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2216 (2015) को पूरी तरह लागू करने की बात कही है, ताकि हूती मिलिशिया तक हथियार, फंडिंग और तकनीकी सहायता न पहुंच सके।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को इस मामले पर क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं भी आईं। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासिम अलबुदईवी ने संयुक्त राष्ट्र की इस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने और सऊदी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वालों के खिलाफ एक स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय संदेश है।
सऊदी अरब के सार्वजनिक कूटनीति के उप मंत्री रायेद क्रिमली ने बताया कि 1 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 के बीच किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूतियों ने कुल 20 अलग-अलग हमले किए। उन्होंने दावा किया कि हिंसा में यह बढ़ोतरी ईरानी प्रभाव के कारण हो रही है।
सुरक्षा परिषद ने लाल सागर और बाब अल-मंडेब में वाणिज्यिक जहाजों को दी जा रही धमकियों की भी निंदा की है। इसके अलावा परिषद ने अदन में हूतियों द्वारा की गई हालिया शत्रुता का जिक्र किया, जिसमें पांच लोगों की जान गई और 16 लोग घायल हुए।