कुवैत में चैरिटी के नाम पर दान हड़पने वाले 5 गिरफ्तार

दान के नाम पर लोगों की दरियादिली का फायदा उठाने वाले एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। कुवैत के सुरक्षा अधिकारियों ने एक ऐसे आपराधिक गिरोह को बेनकाब किया है जो जरूरतमंदों की मदद के नाम पर मिलने वाले सामान को बाजार में बेचकर अपनी तिजोरी भर रहा था। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है, जो इस अवैध धंधे को सुनियोजित तरीके से चला रहे थे।
दान के सामान का अवैध कारोबार
जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क एक फर्जी चैरिटी प्रोजेक्ट की आड़ में चल रहा था। पकड़े गए आरोपियों में तीन सीरियाई नागरिक और दो मिस्र के नागरिक शामिल हैं। ये लोग लोगों से दान के रूप में कपड़े, घरेलू सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और खाद्य सामग्री जुटाते थे। कायदे से यह सारा सामान गरीबों और जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए था, लेकिन यह शातिर गिरोह इसके उलट काम कर रहा था।
दान में मिलने वाली इस राहत सामग्री को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के बजाय, ये लोग स्थानीय बाजार में बेच देते थे या फिर देश के बाहर निर्यात कर देते थे। इस तरह गरीबों के नाम पर जुटाए गए सामान से यह गिरोह निजी तौर पर भारी मुनाफा कमा रहा था।
अम्गरा इलाके के गोदाम पर छापा
अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती जांच के मुताबिक, इस अवैध और ठगी के कारोबार से हर महीने लगभग 60,000 कुवैती दीनार का मुनाफा कमाया जा रहा था। पुख्ता सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अम्गरा इलाके में बने इस गिरोह के गोदाम पर छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में छिपाकर रखा गया दान का सामान बरामद हुआ।
कुवैत प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे दान देते समय पूरी सावधानी बरतें और केवल अधिकृत संस्थानों के माध्यम से ही सहयोग करें।