लाहौर में फिर मचेगी धूम, 29 जनवरी से शुरू होगा 10 दिवसीय बसंत उत्सव

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर एक बार फिर रंगों और खुशियों से सराबोर होने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने लाहौर में 10 दिवसीय भव्य बसंत उत्सव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम अगले साल 29 जनवरी से शुरू होकर 7 फरवरी तक चलेगा, जिससे शहर की गलियां और आसमान पतंगों के रंगों से भर जाएंगे।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस उत्सव को लेकर अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि बसंत उत्सव के आयोजन से पंजाब की ऐतिहासिक और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नया जीवन मिलेगा। उन्होंने न केवल इस उत्सव को मंजूरी दी है, बल्कि संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए हैं कि उत्सव के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं।
त्योहार के दौरान सुरक्षा और कार्यक्रम की रूपरेखा
पंजाब की सूचना मंत्री अज़मा बुखारी ने भी इस महत्वपूर्ण घोषणा की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उत्सव काफी भव्य होगा, हालांकि 5 फरवरी को कश्मीर दिवस के कारण उत्सव को एक दिन के लिए रोका जाएगा।
इस उत्सव को लेकर सरकार की योजनाएं काफी विस्तृत हैं:
- सांस्कृतिक रौनक: लाहौर एक बार फिर संगीत, ऊर्जा और शानदार मेहमाननवाजी के लिए जाना जाएगा।
- सुरक्षा व्यवस्था: भीड़ और पतंगबाजी को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा के कड़े उपाय करेगा।
- परिवहन सुविधा: पिछले आयोजनों की तरह, सरकार नागरिकों की सुविधा के लिए मुफ्त परिवहन सेवा भी प्रदान कर सकती है।
दो दशकों के अंतराल के बाद वापसी
गौरतलब है कि काफी लंबे समय के बाद लाहौर में इस तरह का माहौल देखने को मिल रहा है। इससे पहले, 18 साल के लंबे अंतराल के बाद 2027 के लिए भी कुछ विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई थी। पतंग उड़ाने पर लगी पाबंदियों के हटने के बाद, लाहौर ने हाल ही में अपना पहला बसंत उत्सव मनाया था, जिसने शहर में एक नई ऊर्जा भर दी थी।
वरिष्ठ प्रांतीय मंत्री मरियम औरंगजेब ने इस आयोजन को लाहौर की सांस्कृतिक जीत बताया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि आने वाले समय में यह उत्सव और भी अधिक शानदार और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के पर्यटकों का ध्यान आकर्षित होगा।