लालोन शाह भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती का पुल: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी
ढाका में आयोजित 'लालोन संध्या' कार्यक्रम में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने फकीर लालोन शाह की विरासत और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर चर्चा की।

ढाका (बांग्लादेश): भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने महान बाउल रहस्यवादी, दार्शनिक और गीतकार फकीर लालोन शाह को मानवता का प्रकाश स्तंभ बताया है। उन्होंने कहा कि लालोन शाह भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती के एक पुल की तरह हैं।
यह बयान शनिवार को ढाका के अब्दुल गनी रोड स्थित ओसमानि मेमोरियल ऑडिटोरियम में आयोजित 'लालोन संध्या' कार्यक्रम के दौरान आया। इस सांस्कृतिक शाम का आयोजन ढाका स्थित भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय के इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र (IGCC) द्वारा किया गया था।
उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने लालोन शाह के सार्वभौमिक मानवता और समावेशिता के दर्शन पर जोर दिया। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह समुद्र में खोया हुआ जहाज दिशा खोजने के लिए लाइटहाउस की तलाश करता है, लालोन शाह भी वैसे ही मानवता के लिए एक मार्गदर्शक हैं।
त्रिवेदी ने बताया कि लालोन शाह के गीतों में सामाजिक और धार्मिक विभाजनों से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को दर्शाया गया है। उन्होंने बंगाल की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में बाउल परंपरा की भूमिका और भारत-बांग्लादेश के बीच लोगों के रिश्तों को मजबूत करने में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध बाउल और लोक संगीतकार शफी मंडल के नेतृत्व में एक बांग्लादेशी बाउल समूह द्वारा पारंपरिक संगीत से हुई। इसके बाद गाजी अब्दुल हकिम ने बांसुरी वादन किया, जिसमें उनके साथ लोक गायिका नसरीन अख्तर ब्यूटी ने संगत की।
ओसिन पाखी कल्चरल एकेडमी के छात्रों ने सामूहिक रूप से 'लालोन गीति' प्रस्तुत किया। शाम का समापन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध 'बैंड लालोन' द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व निगार सुल्ताना सुमी ने किया। इस समूह ने पारंपरिक लालोन गीतों को आधुनिक संगीत के साथ मिलाकर पेश किया।
इस मौके पर ऑडिटोरियम में 700 से अधिक मेहमान मौजूद थे। कार्यक्रम में आवास और सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय के राज्य मंत्री अहमद सोहेल मुंजूर सांसद, बांग्लादेश के अन्य सांसद, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, कलाकार, पूर्व राजदूत, व्यवसायी, शिक्षक और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।