रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि जेलेंस्की शांति समझौते से डरते हैं क्योंकि इससे उनकी सत्ता खत्म हो सकती है

तेहरान (ईरान): रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लावरोव का कहना है कि जेलेंस्की जानबूझकर रूस के साथ शांति वार्ताओं को पटरी से उतार रहे हैं। उनके मुताबिक, जेलेंस्की को डर है कि अगर रूस और अमेरिका के बीच कोई ऐसा समझौता होता है जो दोनों को मंजूर हो, तो इससे उनकी सरकार गिर जाएगी और उन्हें व्यक्तिगत रूप से सत्ता गंवानी पड़ेगी।
रूस-खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की नौवीं संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने कहा कि कीव ने कई बार वाशिंगटन द्वारा बनाए गए राजनयिक माहौल को खराब किया है। रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, लावरोव ने कहा कि जेलेंस्की बातचीत नहीं चाहते और उन्होंने बार-बार इसे बाधित किया है।
लावरोव ने बताया कि जब भी वाशिंगटन और मॉस्को शांति वार्ता फिर से शुरू करने पर शुरुआती सहमति बनाते थे, यूक्रेन ने इस प्रक्रिया को रोकने के लिए उकसावे वाले कदम उठाए। उन्होंने कहा कि कई बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावों से मॉस्को और कीव के बीच बातचीत की उम्मीद जगी, लेकिन अगले ही दिन यूक्रेन ने कुछ ऐसा किया जो पूरी तरह अस्वीकार्य था। लावरोव के अनुसार, इसमें मुख्य रूप से नागरिक लक्ष्यों पर हमले शामिल थे।
ईंधन निर्यात के मुद्दे पर लावरोव ने यूरोपीय और यूक्रेनी आलोचनाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मॉस्को और वाशिंगटन के बीच डीजल डील केवल उन्हीं दोनों का मामला है। उन्होंने जेलेंस्की के इस दावे को गलत बताया कि रूसी डीजल निर्यात के लिए उनकी मंजूरी जरूरी है। लावरोव ने इसे ऊर्जा सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि खुद का प्रचार करने वाला एक तमाशा बताया।
पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर बात करते हुए लावरोव ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस संकट के मूल कारणों को दूर करना जरूरी है ताकि सैन्य टकराव को रोका जा सके। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस्लामाबाद मेमोरेंडम को लागू करने की बात कही, ताकि स्थिति को युद्ध की कगार से हटाकर राजनीतिक और राजनयिक बातचीत की ओर लाया जा सके।
लावरोव ने अरब देशों, ईरान, इराक और जॉर्डन को मिलाकर एक व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतों को अपने भू-राजनीतिक डिजाइनों के बजाय क्षेत्र के देशों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। रूस ने अपनी सुरक्षा अवधारणा को चीन, ईरान और GCC की पहलों के साथ जोड़ने की इच्छा जताई है।
इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर लावरोव ने कहा कि रूस और उसके खाड़ी साझेदार एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना में बाधा डालने वाली कोशिशों का कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि वे और GCC साझेदार इस दृष्टिकोण को पूरी तरह खारिज करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने मानवीय मुद्दों पर मध्यस्थता के लिए खाड़ी देशों का शुक्रिया अदा किया।