दक्षिणी लेबनान में फिर भड़की हिंसा, लगातार हो रहे हैं हवाई और जमीनी हमले, आम लोग हुए परेशान।

Sushma Kumari11 September 20263 min read21 viewsWorld
दक्षिणी लेबनान में फिर भड़की हिंसा, लगातार हो रहे हैं हवाई और जमीनी हमले, आम लोग हुए परेशान।

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम जिंदगी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। 10 सितंबर और 11 सितंबर 2026 को लेबनान के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों और भीषण गोलाबारी की खबरें सामने आईं। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इजरायली सेना ने वादी अल-हुजेइर, वादी अल-सलुकी और जवतार अल-शार्किया के बाहरी इलाकों में ताबड़तोड़ हवाई और आर्टिलरी हमले किए। इन लगातार हमलों की वजह से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

कहाँ-कहाँ हुए बड़े हमले और कितना हुआ नुकसान

रिपोर्ट्स के अनुसार मंसूरी और बानी हय्यान में कई खतरनाक विस्फोट हुए। मंसूरी इलाके में ड्रोन के जरिए रिहायशी मकानों की छतों पर विस्फोटक बैरल गिराए गए, जिसकी वजह से टायर शहर तक में तेज कंपन महसूस किया गया। इसके अलावा इजरायली सेना ने कब्रिखा को भी अपने हमलों का निशाना बनाया और मज्दाल जौौन की तरफ भारी मशीन गन से गोलीबारी की। अल अरेबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, हिजबुल्लाह की भूमिगत सुरंगों को नष्ट करने के दौरान बड़े पैमाने पर आग के गोले देखे गए। वहीं अल जज़ीरा ने बताया कि इजरायल ने अली अल-ताहेर रिज पर हिजबुल्लाह के एक ठिकाने को तबाह करने का दावा किया है। जून 2026 में अमेरिका की मध्यस्थता से एक फ्रेमवर्क समझौता हुआ था, लेकिन इसके बावजूद लेबनान की सेना का कहना है कि इजरायल इस समझौते का लगभग 7,700 बार उल्लंघन कर चुका है।

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बढ़ती मौतों का आंकड़ा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, 5 सितंबर से 7 सितंबर 2026 के बीच हुई हिंसक घटनाओं में कुल 27 लोगों की जान चली गई और 69 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अकेले 7 सितंबर को कफर रुमाने में 12 लोगों की मौत हुई और 10 लोग घायल हुए, जिनमें चार महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल थे। अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इन हमलों में अब तक मरने वालों का आंकड़ा 8,900 को पार कर चुका है, जबकि लगभग 30,600 लोग घायल हुए हैं। हालात इतने खराब हैं कि 2 मार्च 2026 के बाद से अब तक 135 स्वास्थ्यकर्मियों की जान जा चुकी है और एम्बुलेंस कर्मियों पर 179 बार हमले किए जा चुके हैं। इसके अलावा अगस्त 2026 तक लगभग 360,000 लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर हो चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

बढ़ते नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 8 सितंबर 2026 को तत्काल युद्धविराम की अपील की और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सख्ती से पालन करने को कहा। यूनिफिल के प्रवक्ता डानी घाफ्री ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यह तय करेगी कि इस बल का भविष्य क्या होगा क्योंकि इसका मौजूदा कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं इजरायल के संयुक्त राष्ट्र दूत डैनी डैनन ने साफ किया है कि इजरायल इस कार्यकाल को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है और उनका सुझाव है कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी लेबनानी सशस्त्र बलों को संभालनी चाहिए। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम ने जून के फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह खारिज कर दिया है। नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल की मौरीन फिलिपोन का कहना है कि इस लगातार जारी हिंसा के कारण दक्षिणी लेबनान के विस्थापित परिवारों का अपने घरों में वापस लौटना बेहद मुश्किल हो गया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप QNA News पर जा सकते हैं।

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