लेबनानी विदेश मंत्री ने ईरान से खाड़ी देशों और जॉर्डन के खिलाफ आक्रामकता रोकने और हिजबुल्लाह को हथियार न देने की मांग की

इराक: लेबनान के विदेश मंत्री यूसुफ राजी ने ओआईसी की काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स के 52वें सत्र में ईरान और उसके सहयोगी समूहों से खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों और जॉर्डन के खिलाफ हमले बंद करने की अपील की है। रविवार को दिए अपने संबोधन में उन्होंने इन देशों के प्रति लेबनान की पूरी एकजुटता जाहिर की।
राजी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडब में पारगमन की स्वतंत्रता पर किसी भी तरह की पाबंदी का कड़ा विरोध किया।
विदेश मंत्री ने बताया कि लेबनान सरकार ने अगस्त 2025 में यह फैसला लिया था कि हथियार केवल वैध सुरक्षा एजेंसियों के पास ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के संस्थानों के बाहर हथियारों की मौजूदगी या स्वतंत्र फैसले लेने की प्रक्रिया के साथ राष्ट्रीय संप्रभुता संभव नहीं है।
राजी ने हिजबुल्लाह पर आरोप लगाया कि उसने अक्टूबर 2023 और मार्च 2026 में लेबनान को इजरायल के साथ विनाशकारी युद्धों में झोंक दिया। उन्होंने ईरान से मांग की कि वह लेबनान के आंतरिक मामलों में दखल देना, सरकार के फैसलों को चुनौती देना और हिजबुल्लाह को हथियार या फंडिंग देना बंद करे।
यह बयान उस समय आया है जब 17 अक्टूबर को बगदाद में ओआईसी सत्र के दौरान राजी की मुलाकात उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से हुई थी। उस बैठक में अराघची ने कहा था कि ईरान लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का समर्थन करता है।