लेबनान में इसराइल के हमलों से मचा हाहाकार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए आंकड़े और हालात.

Praggya Singh sabal10 September 20263 min read21 viewsWorld
लेबनान में इसराइल के हमलों से मचा हाहाकार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए आंकड़े और हालात.

लेबनान में इसराइली सैन्य अभियानों की वजह से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और आम जनता को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल मार्च 2, 2026 से लेकर अब तक इसराइली हमलों में कुल 4,383 लोगों की जान जा चुकी है। इस डरावने आंकड़े ने पूरे इलाके में तनाव और चिंता को और ज्यादा बढ़ा दिया है, जिससे लोग डरे हुए जीवन गुजार रहे हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर भारी संकट और हमलों के आंकड़े

लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी यानी NNA की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 8 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए संघर्ष के बाद से अब तक लेबनान में इसराइली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 8,948 हो गई है। इसके साथ ही इन हमलों की चपेट में आकर कुल 30,638 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस संघर्ष के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल स्टाफ को भी बुरी तरह निशाना बनाया गया है, जिससे मरीजों का इलाज करना बेहद मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2 के बाद से एम्बुलेंस कर्मियों पर 179 बार हमले किए गए हैं, जिनमें कुल 135 स्वास्थ्यकर्मियों की जान चली गई है।

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दक्षिणी लेबनान में तबाही और नए सैन्य तरीके

बीते 10 सितंबर 2026 को इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में तबाही मचाने वाले अपने अभियानों को और ज्यादा तेज कर दिया। इस दौरान कई रिहायशी इमारतों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बम से उड़ा दिया गया, जिसमें अल-Mansouri पब्लिक स्कूल और Mansouri इलाके के दो आर्टेशियन कुएं भी पूरी तरह तबाह हो गए। Mays al-Jabal और Bani Hayyan में बड़े पैमाने पर इमारतों को गिराने की घटनाएं सामने आई हैं, जहां ड्रोन के जरिए घरों पर विस्फोटक से भरे बैरल गिराए जाने जैसे नए और खतरनाक तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। Wadi al-Hujeir, Wadi al-Saluki और Zawtar al-Sharqiyah के बाहरी इलाकों में लगातार गोलाबारी जारी रही, जबकि 10 सितंबर को Nabatieh al-Fawqa पर भी दो इसराइली हवाई हमले किए गए।

आम नागरिकों की मौत और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट

हाल के दिनों में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर से ठीक पहले के दिनों में कुल 28 लोगों की मौत हुई और 79 लोग घायल हुए। इनमें 7 सितंबर को Kfar Reman पर हुआ इसराइली हवाई हमला भी शामिल है, जिसमें दो बच्चों और दो पैरामेडिक्स समेत कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, Human Rights Watch और हार्वर्ड लॉ स्कूल की इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स क्लिनिक ने अपनी जांच में पाया कि इसराइली सेना ने मार्च और मई 2026 के बीच दक्षिणी lebanon में सफेद फॉस्फोरस यानी white phosphorus munitions से जुड़े 23 प्रमाणित हमलों का इस्तेमाल किया है।

सीजफायर का उल्लंघन और शरणार्थियों का संकट

लेबनान की सेना ने 8 सितंबर को जानकारी दी थी कि इसराइली बलों ने जून महीने में हुए अमेरिकी मध्यस्थता वाले सीजफायर समझौते का लगभग 7,700 बार उल्लंघन किया है। ये उल्लंघन लेबनान के सैन्यकर्मियों और गश्ती दलों के पास गोलीबारी करके किए गए। दूसरी तरफ, UNHCR के अनुमान के मुताबिक इसराइली हमलों की वजह से अगस्त महीने में 360,000 लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए, जिनमें से 22,000 लोग इस समय राहत शिविरों में रह रहे हैं। सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग ने यह भी बताया कि इसराइल ने 49 सीरियाई नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिससे युद्ध अपराधों को लेकर चिंताएं और ज्यादा गहरी हो गई हैं.

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