लेबनान में इजरायली हमले से तीन बच्चियों समेत चार की मौत, दहशत में लोग

लेबनान में तीसरे इजरायली हमले का डर बढ़ा। airstrike में 3 बच्चियों की मौत और UNIFIL की वापसी से सुरक्षा संकट गहराया है।

Gautam Sahu6 November 20262 min read0 viewsWorld
लेबनान में इजरायली हमले से तीन बच्चियों समेत चार की मौत, दहशत में लोग

बेरुत: लेबनान के आम नागरिक इन दिनों भारी मानसिक तनाव और डर के साये में जी रहे हैं। साल 2024 के बाद से शुरू हुए सैन्य संघर्षों के बीच अब लोगों को तीसरे बड़े इजरायली हमले की आशंका सता रही है, जिससे पूरी आबादी में घबराहट और थकान का माहौल है।

ताजा घटना 5 नवंबर 2026 की है, जब दक्षिण लेबनान के अयनाटा और ऐतारून गांवों के बीच एक गाड़ी को इजरायली हवाई हमले का निशाना बनाया गया। इस हमले में 10 से 14 साल की उम्र की तीन बच्चियों और उनकी दादी की मौत हो गई।

हैरानी की बात यह है कि 16 अप्रैल 2026 से औपचारिक रूप से युद्धविराम लागू है, लेकिन इसके बावजूद इजरायली हवाई हमले जारी हैं। इजरायल ने लेबनानी क्षेत्र के भीतर 10 किलोमीटर का एक 'सुरक्षा क्षेत्र' बना रखा है, जिससे इलाके में अस्थिरता बनी हुई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सुरक्षा स्थिति तब और नाजुक हो गई जब 5 नवंबर को यूनिफिल (UNIFIL) ने अपनी वापसी की प्रक्रिया शुरू करने की पुष्टि की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2790 के बाद, 31 दिसंबर 2026 को इस मिशन का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। यूनिफिल ने बताया कि 45 देशों के शांति सैनिक जनादेश खत्म होने तक दक्षिण लेबनान में काम जारी रखेंगे।

लेबनानी अधिकारियों ने चिंता जताई है कि संयुक्त राष्ट्र बलों की विदाई से क्षेत्र में एक खतरनाक सुरक्षा शून्य पैदा हो जाएगा। दूसरी तरफ, लेबनानी सैन्य अदालत ने 5 नवंबर को ही हिजबुल्लाह के दो सदस्यों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिन्हें एक चेकपॉइंट पर विस्फोटकों के साथ पाया गया था।

राजनीतिक मोर्चे पर, 26 जून 2026 को हस्ताक्षरित 'त्रिपक्षीय ढांचे' को लेकर अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही बातचीत रुकी हुई है। हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण को लेकर विवाद होने के कारण यह वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से शुरू हुए मौजूदा तनाव में अब तक 4,390 लोगों की जान जा चुकी है और 12,429 लोग घायल हुए हैं। इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाइयों और लेबनानी जमीन पर अपनी बटालियनों की मौजूदगी को हिजबुल्लाह के सैन्य विस्तार को रोकने के लिए जरूरी बता रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment